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साबरमती रिवरफ्रंट और अटल ब्रिज की खूबसूरती के मुरीद हुए उमर अब्दुल्ला, बताया अद्भुत

उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार सुबह अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट का दौरा किया, जहां वह मॉर्निंग वॉक करते नजर आए। उन्होंने साबरमती रिवरफ्रंट को सबसे खूबसूरत जगहों में से एक बताया। साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने अटल ब्रिज की तारीफ की।

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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (PHOTO-instagram/srinagarnewsobserver )

अहमदाबाद/गांधीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इन दिनों गुजरात के दौरे पर हैं। उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार सुबह अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट का दौरा किया, जहां वह मॉर्निंग वॉक करते नजर आए। उन्होंने साबरमती रिवरफ्रंट को सबसे खूबसूरत जगहों में से एक बताया। साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने अटल ब्रिज की तारीफ की।

उमर अब्दुल्ला ने साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ लगाते हुए कई तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पर्यटन कार्यक्रम के सिलसिले में अहमदाबाद में रहते हुए मैंने यहां होने का फायदा उठाते हुए प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट सैरगाह पर सुबह की दौड़ लगाई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह (साबरमती रिवरफ्रंट) उन सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है, जहां मैं दौड़ पाया हूं और इतने सारे अन्य पैदल यात्रियों व धावकों के साथ इसे साझा करना मेरे लिए खुशी की बात थी। मैं अद्भुत अटल पैदल पुल के पास से भी दौड़कर गुजरने में कामयाब रहा।"

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि सीएम उमर अब्दुल्ला एकता नगर स्थित प्रतिष्ठित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी दौरा करेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने यह जानकारी उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद साझा की। दोनों नेता बुधवार को गांधीनगर में मिले थे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने लिखा, "जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से गांधीनगर की उनकी यात्रा के दौरान मिलकर प्रसन्नता हुई। वे गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं।"

जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल के साथ मीटिंग में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके सलाहकार नासिर सोगामी मौजूद थे। दोनों नेताओं के बीच अंतर्राज्यीय सहयोग को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और समावेशी विकास को लेकर सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई। उमर अब्दुल्ला ने एक बयान में कहा, "गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में लोग जम्मू कश्मीर आना पसंद करते हैं। गांधीनगर में पर्यटन से जुड़ा बड़ा इवेंट है, इस सिलसिले में यहां दौरा किया है। हमें उम्मीद है कि गुजरात से बड़ी संख्या में पर्यटक फिर जम्मू कश्मीर में आना शुरू करेंगे।" (IANS इनपुट के साथ)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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