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Hathras Stampede: सत्संग, धार्मिक आयोजनों में जब-जब मची भगदड़, देखें त्रासद घटनाओं की पूरी टाइम लाइन

Hathras Stampede : भारत में मंदिरों एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ होने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कार्यक्रमों में मची भगदड़ में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है।

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हाथरस में सत्संग सुनने के लिए जुटे थे लोग।

KEY HIGHLIGHTS
  • हाथरस में सत्संग सुनने के लिए जुटे थे करीब ढाई लाख लोग
  • धार्मिक कार्यक्रम के लिए 80 हजार लोगों के जुटने की इजाजत थी
  • योगी सरकार मृतकों के परिजनों को ढाई लाख रु. का मुआवजा देगी

Hathras Stampede : हाथरस भगदड़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस त्रासद घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को घटनास्थल का दौरा करेंगे। सत्संग हादसे के बाद नारायण साकार हरि नाम का बाबा फरार है। उसके मैनपुरी के बिछुआ में राम कुटीर में छिपे होने की आंशका जताई जा रही है। इस बीच, हाथरस में हादसे मामले में मुख्य सेवादार देव प्रकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में कहा गया है कि 80 हजार लोगो के कार्यक्रम में आने की अनुमति प्रशासन की ओर से दी गई थी लेकिन इस धार्मिक कार्यक्रम में ढाई लाख लोग एकत्र हुए थे।

त्रासद घटना ने लोगों को झकझोरा

इस त्रासद घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस भगदड़ ने कई परिवारों को खुशियां लूट ली हैं और उनकी जिंदगी तबाह कर दी है। भारत में मंदिरों एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ होने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कार्यक्रमों में मची भगदड़ में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है। हाल के वर्षों में देश में मंदिरों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं-

31 मार्च 2023

इंदौर के एक मंदिर में रामनवमी के मौके पर आयोजित हवन कार्यक्रम के दौरान एक पुरानी बावड़ी के ऊपर बनी स्लैब के ढहने से कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई।

एक जनवरी 2022

जम्मू कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन लोग घायल हो गए।

14 जुलाई 2015

आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी जिले में पुष्करम उत्सव के पहले दिन गोदावरी नदी के तट पर प्रमुख स्नान स्थल पर मची भगदड़ से 27 तीर्थयात्रियों की जान चली गई। इस हादसे में 20 अन्य घायल हो गए।

25 जनवरी 2005

महाराष्ट्र के सतारा जिले में मंधारदेवी मंदिर में वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान 340 से अधिक श्रद्धालुओं की कुचलकर मौत हो गई।

13 अक्टूबर 2013

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि के दौरान मची भगदड़ में 115 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए।

3 अक्टूबर 2014

दशहरा समारोह समाप्त होने के बाद पटना के गांधी मैदान में भगदड़ मचने से 32 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 26 अन्य घायल हुए।

19 नवंबर 2012

पटना में गंगा नदी के तट पर अदालत घाट पर छठ पूजा के दौरान एक अस्थायी पुल ढहने से मची भगदड़ में लगभाग 20 लोगों की मौत हो गई।

14 जनवरी 2011

केरल के इडुक्की जिले पुलमेडू में एक जीप के सबरीमाला मंदिर के दर्शन कर लौट रहे तीर्थयात्रियों से टकरा जाने के कारण मची भगदड़ में 104 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस हादसे में अन्य 40 लोग घायल हुए।

आठ नवंबर 2011

हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर हरीक पैड़ी घाट पर मची भगदड़ में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई।

4 मार्च 2010

यूपी के प्रतापगढ़ में कृपालु महाराज के राम जानकी मंदिर में भगदड़ मचने से लगभग 63 लोगों की मौत हो गई। लोग दान किए जा रहे कपड़े और भोजन लेने पहुंचे थे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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