AITC Name-Symbol Row: कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस (AITC) के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने को लेकर चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले को भाजपा द्वारा किए गए कथित असंवैधानिक कब्जे का नतीजा बताया और कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बर्थडे गिफ्ट दिया।
वेणुगोपाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिये भाजपा और चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने कहा, ''एआईटीसी नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करना भाजपा द्वारा एक स्पष्ट रूप से असंवैधानिक कब्जे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से पीएम मोदी को देर रात दिया गया बर्थडे गिफ्ट है।
उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उन्हें अब उनके ही खिलाफ बगावत करने के लिए 'रेड कार्पेट' दिया जा रहा है। इस दौरान, उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग की मदद से दलबदल को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।
'भाजपा के हाथों की कठपुतली है EC'
वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भाजपा के हाथों की कठपुतली से ज्यादा कुछ नहीं है और आयोग को लोकतांत्रिक व्यवस्था को धीरे-धीरे कमजोर करने के लिए एक औजार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
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'ममता को तत्काल वापस करें दो पत्ती चिह्न'
इस दौरान, वेणुगोपाल ने शिवसेना और एनसीपी के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब एआईटीसी के मामले में भी वही स्थिति दोहराई जा रही है और भाजपा का विरोध करने वाली पार्टियों की चुनावी पहचान को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने इस फैसले की निंदा करते हुए चुनाव आयोग से ममता बनर्जी के पक्ष में 'दो पत्ती' चुनाव चिह्न को तत्काल बहाल करने की मांग की।
EC ने AITC का नाम और चिह्न किया फ्रीज
सनद रहे कि चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और 'दो पत्ती' चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया। आयोग ने दोनों गुटों से शुक्रवार सुबह तक अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्न सौंपने के लिए भी कहा है।
