भोपाल

हाथरस हादसे के बाद प. धीरेंद्र शास्त्री की बढ़ी टेंशन, बागेश्वर धाम को लेकर लिया बड़ा फैसला

यूपी के हाथरस भगदड़ हादसे में 116 की मौतों से सबक लेते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने 4 जुलाई को अपने धाम में भक्तों को आने से मना किया है।

Image

प. धीरेंद्र शास्त्री की अपील

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

मुख्य बिंदु

  • हाथरस की घटना से डरे बाबा बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री
  • अपने जन्मदिन पर भक्तों को धाम आने से रोका
  • अनहोकी की आशंका के चलते वीडियो जारी कर की अपील
  • गुरु पूर्णिमा पर भक्तों को धाम आने का दिया आमंत्रण

Baba Bageshwar Dham: हाथरस की घटना से सबक लेते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो जारी कर श्रद्धालुओं से बड़ी अपील की है। उन्होंने की कहा कि भक्त उनके (धीरेंद्र शास्त्री) के जन्मदिन के अवसर पर 4 जुलाई को धाम न आएं। बाबा ने कहा आप (भक्त) घर पर ही जन्मदिन का उत्सव मनाएं। आगे कहा कि धाम में सुरक्षा समेत अन्य पुख्ता इंतजाम हैं, फिर भी उनके अनुयायी घर पर ही रहें।

दरअसल, हाथरस में मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना में अभी तक 116 लोगों की मौत की खबर है। यहां भोले बाबा (साकार विश्व हरि) नारायण स्वामी सत्संग के कार्यक्रम में भगदड़ मचने से बड़ी मानव जनहानि हुई है। लिहाजा, इस हादसे के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की चिंता जायज है। इसलिए उन्होंने भक्तों से हाथ जोड़कर एक अपील की है। कहा कि आप सभी अभी कुछ दिन घर पर ही बालाजी सरकार की आराधना करें, ताकि कोई अनहोनी न हो।

गुरु पूर्णिमा पर भक्तों को आमंत्रण

उधर, 21 जुलाई को भक्तों को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर धाम आने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर योजनाबद्ध तरीके से 30 से 40 एकड़ की जगह पर व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। ताकि, श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। बाबा ने कहा कि अन्नपूर्णा रसोई भी होगी, जिससे श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article