देश

Hathras Stampede Case: क्या 'भोले बाबा' से भी होगी पूछताछ? न्यायिक जांच आयोग ने दिया ये जवाब

Hathras Case: हर उस व्यक्ति से पूछताछ करेंगे जिससे बात करना आवश्यक होगा, न्यायिक आयोग ने 'भोले बाबा' पर ऐसा कहा है। भावेश कुमार ने कहा, 'आयोग हर उस व्यक्ति से बात करेगा जिससे हाथरस भगदड़ मामले की जांच के लिए बात करना आवश्यक है।' जानें अब तक का सारा अपडेट।

Image

स्वयंभू भोले बाबा। (फाइल फोटो।)

Photo : Twitter

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार का न्यायिक आयोग हर उस व्यक्ति से बात करेगा जिससे दो जुलाई को हाथरस में मची भगदड़ के मामले की जांच के लिए बात करना आवश्यक होगा। जांच आयोग के एक सदस्य ने रविवार को यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या स्वयंभू भोले बाबा से पूछताछ की जाएगी।

बयान दर्ज कराने के लिए क्या करेगा आयोग?

आयोग के एक अन्य सदस्य और अध्यक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High ) के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने हाथरस में पत्रकारों से कहा कि न्यायिक आयोग सार्वजनिक नोटिस जारी कर स्थानीय लोगों और इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से भगदड़ के संबंध में कोई सबूत साझा करने तथा अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहेगा। श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय दल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी हेमंत राव और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी भावेश कुमार भी शामिल हैं।

क्या भोले बाबा से पूछताछ करेगा आयोग?

यह पूछने पर कि क्या न्यायिक आयोग स्वयंभू बाबा से भी पूछताछ करेगा, इस पर भावेश कुमार ने कहा, 'आयोग हर उस व्यक्ति से बात करेगा जिससे हाथरस भगदड़ मामले की जांच के लिए बात करना आवश्यक है।' तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने रविवार को स्थानीय लोगों के अलावा अधिकारियों और भगदड़ के प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत की। इस घटना में 121 लोगों की मौत हो गई थी।

आयोग ने घटनास्थल का किया था निरीक्षण

यह दल शनिवार को हाथरस पहुंचा और राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर फुलराई गांव के पास भगदड़ स्थल का निरीक्षण किया। रविवार सुबह न्यायिक आयोग की टीम ने जिले में अलीगढ़ रोड पर स्थित पीडब्ल्यूडी अतिथि गृह पहुंचकर अपनी जांच जारी रखी। श्रीवास्तव ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शनिवार को पत्रकारों से कहा था, 'हमें दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।' हाथरस के जिलाधिकारी आशीष कुमार और पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल भी टीम के साथ थे।

मामले में नौ लोगों को किया गया है गिरफ्तार

भगदड़ की घटना के संबंध में अब तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हाथरस पुलिस ने शनिवार को कहा था कि वह एक राजनीतिक दल द्वारा सत्संग का कथित वित्त पोषण किए जाने की भी जांच कर रही है और उसने इसके खिलाफ 'सख्त कार्रवाई' की चेतावनी दी। अधिकारियों के अनुसार, मधुकर स्वयंभू बाबा सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि उर्फ ‘भोले बाबा’ के दो जुलाई को हुए ‘सत्संग’ का मुख्य आयोजक था तथा उसने इसके लिए चंदा एकत्र किया था। इस सत्संग में 2.50 लाख से अधिक लोग जुटे थे जबकि केवल 80 हजार लोगों के एकत्र होने की अनुमति दी गई थी।

दो जुलाई को हुई इस घटना के संबंध में स्थानीय सिकंदराराऊ थाने में दर्ज प्राथमिकी में स्वयंभू बाबा का नाम नहीं है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी इस घटना की जांच कर रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आगरा जोन) अनुपम कुलश्रेष्ठ एसआईटी का नेतृत्व कर रहे हैं। कुलश्रेष्ठ ने शुक्रवार को कहा था कि उन्होंने भगदड़ में साजिश के पहलू को खारिज नहीं किया है और अब तक एकत्र किए गए साक्ष्य सत्संग आयोजकों के दोषी होने का संकेत देते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article