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Haryana Cabinet Portfolio: हरियाणा में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, CM सैनी ने अपने पास रखे गृह और वित्त विभाग; अनिल विज को क्या मिला?

Haryana Cabinet Portfolio: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गृह और वित्त विभाग जैसे अहम मंत्रालय रखे हैं। दिग्गज नेता अनिल विज को ऊर्जा और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। आरती राव को स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, राव नरबीर को उद्योग एवं पर्यावरण, अरविंद शर्मा को जेल, श्रुति चौधरी को महिला एवं बाल विकास विभाग दिया गया है।

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हरियाणा सरकार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा।

Photo : Twitter

Haryana Cabinet Portfolio: हरियाणा में लगातार तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद देर रात मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया। शपथ ग्रहण करने के बाद चार दिन बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 14 मंत्रियों के पोर्टफोलियो तय किए। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गृह और वित्त विभाग के अलावा आबकारी एवं कराधान, योजना, नगर एवं ग्राम नियोजन और शहरी संपदा, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति, न्याय प्रशासन, सामान्य प्रशासन, सभी के लिए आवास, आपराधिक जांच (सीआईडी), कार्मिक एवं प्रशिक्षण तथा कानून एवं विधायी विभाग अपने पास रखे हैं।

जबकि, दिग्गज नेता अनिल विज को ऊर्जा और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हरियाणा में आरती राव को स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, राव नरबीर को उद्योग एवं पर्यावरण, अरविंद शर्मा को जेल, श्रुति चौधरी को महिला एवं बाल विकास विभाग दिया गया है।

यहां देखिए किसे मिला कौन सा विभाग-

17 अक्टूबर को ली थी शपथ

बता दें, हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद नायब सिंह सैनी ने 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 अन्य नेताओं को राज्यपाल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई थी। इसमें दिग्गज नेता अनिल विज, कृष्ण लाल पंवार, राव नरबीर, महिपाल ढांढा, विपुल गोयल, अरविंद शर्मा, श्याम सिंह राणा, रणवीर गंगवा, कृष्ण बेदी, श्रुति चौधरी, आरती सिंह राव, राजेश नागर और गौरव गौतम जैसे नाम शामिल थे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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