गुजरात चुनाव (Gujarat Election) के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। राज्य में दो चरणों में चुनाव होंगे। ऐसे तो यहां मुख्यतौर पर मुकाबला बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच है, लेकिन आप (AAP) इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिशों में जुटी दिख रही है। राज्य के चर्चित सीटों में से एक सीट इस बार मोरबी (Morbi) की भी रहने वाली है, मोरबी हादसे (Morbi Bridge Collapse) के बाद से यहां पर बीजेपी को बैकफुट पर बताया जा रहा है, हालांकि पीएम मोदी के दौरे के बाद से समीकरण बीजेपी के पक्ष में भी जा सकते हैं।
क्या है सीट का इतिहास
यह सीट कई सालों से बीजेपी के पास है। 1995 में ये सीट जीतने के बाद से बीजेपी यहां 2012 तक अपराजेय रही थी। 2017 में कांग्रेस ने बीजेपी को यहां से हराया जरूर था, लेकिन आज के समय में कांग्रेस के पास यह सीट नहीं है।
हार कर भी जीत गई बीजेपी
2017 में जब यह सीट कांग्रेस जीती, तो कई बातें हुईं। बीजेपी क्यों अपने गढ़ में हारी, कांग्रेस किस समीकरण से जीती, लेकिन ये सारी चर्चाएं कुछ ही महीनों में खत्म हो गई। कांग्रेस के जीते हुए विधायक बृजेश मेरजा ने पाला बदला और बीजेपी के पास चले गए। सीट पर उपचुनाव हुआ, बीजेपी ने बृजेश को ही टिकट दिया और वो जीत भी गए। इस तरह से जिस सीट को बीजेपी ने 2017 में हारा था, आज की तारीख में वो सीट बीजेपी के पास ही है।
आज का क्या है हाल
इस सीट पर पाटीदार निर्णायक भूमिका में रहे हैं। पाटीदार आंदोलन के कारण पिछली बार कांग्रेस को फायदा हुआ था। मेरजा जब बीजेपी में गए तो उन्हें मंत्री भी बना दिया गया, लेकिन आज उनकी स्थिति ठीक नहीं हैं। मोरबी पुल हादसे के कारण बीजेपी आलोचनाओं में घिरी है, मेरजा से भी लोग नाराज बताए जा रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस को यहां एक बार फिर से फायदा मिल सकता है।
