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Gujarat Election: जहां हुआ मोरबी पुल हादसा, उस सीट का जानिए हाल; 2017 में जीत के बाद भी यहां कैसे हार गई कांग्रेस

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  • Updated Nov 3, 2022, 11:25 PM IST

Gujarat Election: गुजरात में दो चरणों में चुनाव होगा। पहले चरण के लिए 1 दिसंबर और दूसरे चरण के लिए 5 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। वहीं वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी। गुजरात की कुल 182 विधानसभा सीटों में से 89 सीटों के लिए 1 दिसंबर को और शेष 93 सीटों पर 5 दिसंबर को मतदान होगा।

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मोरबी हादसे से बैकफुट पर बीजेपी

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • मोरबी पुल हादसे से बैकफुट पर बीजेपी
  • 2017 में कांग्रेस ने बीजेपी से छीन ली थी ये सीट
  • 1995 से 2012 तक कांग्रेस को मिली थी हार

गुजरात चुनाव (Gujarat Election) के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। राज्य में दो चरणों में चुनाव होंगे। ऐसे तो यहां मुख्यतौर पर मुकाबला बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच है, लेकिन आप (AAP) इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिशों में जुटी दिख रही है। राज्य के चर्चित सीटों में से एक सीट इस बार मोरबी (Morbi) की भी रहने वाली है, मोरबी हादसे (Morbi Bridge Collapse) के बाद से यहां पर बीजेपी को बैकफुट पर बताया जा रहा है, हालांकि पीएम मोदी के दौरे के बाद से समीकरण बीजेपी के पक्ष में भी जा सकते हैं।

क्या है सीट का इतिहास

यह सीट कई सालों से बीजेपी के पास है। 1995 में ये सीट जीतने के बाद से बीजेपी यहां 2012 तक अपराजेय रही थी। 2017 में कांग्रेस ने बीजेपी को यहां से हराया जरूर था, लेकिन आज के समय में कांग्रेस के पास यह सीट नहीं है।

हार कर भी जीत गई बीजेपी

2017 में जब यह सीट कांग्रेस जीती, तो कई बातें हुईं। बीजेपी क्यों अपने गढ़ में हारी, कांग्रेस किस समीकरण से जीती, लेकिन ये सारी चर्चाएं कुछ ही महीनों में खत्म हो गई। कांग्रेस के जीते हुए विधायक बृजेश मेरजा ने पाला बदला और बीजेपी के पास चले गए। सीट पर उपचुनाव हुआ, बीजेपी ने बृजेश को ही टिकट दिया और वो जीत भी गए। इस तरह से जिस सीट को बीजेपी ने 2017 में हारा था, आज की तारीख में वो सीट बीजेपी के पास ही है।

आज का क्या है हाल

इस सीट पर पाटीदार निर्णायक भूमिका में रहे हैं। पाटीदार आंदोलन के कारण पिछली बार कांग्रेस को फायदा हुआ था। मेरजा जब बीजेपी में गए तो उन्हें मंत्री भी बना दिया गया, लेकिन आज उनकी स्थिति ठीक नहीं हैं। मोरबी पुल हादसे के कारण बीजेपी आलोचनाओं में घिरी है, मेरजा से भी लोग नाराज बताए जा रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस को यहां एक बार फिर से फायदा मिल सकता है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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