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शाह का ऑफर, राहुल का पलटवार: पहले बताओ छात्रों पर गोली किसने चलवाई? आखिरी दिन भी हंगामे के आसार

Monsoon Session: संसद का मॉनसून सत्र खत्म होने को आ गया है, एक दिन का कार्यवाही अब सिर्फ बची है। यह शायद पहली बार है जब सदन का लगभग पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा रहा है।

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लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही होती रही है बाधित

Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र अब महज हंगामे तक सीमित नहीं रहा है। सरकार और विपक्ष के बीच सीधा सियासी टकराव तेज हो गया है। 17 दिनों से संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने के बीच बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सामने चर्चा का खुला प्रस्ताव रखा। शाह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष आज दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि वह सदन में मौजूद रहेंगे, सभी सदस्यों को सुनेंगे और अगले दिन दोपहर 3 बजे उनके सवालों का जवाब देंगे।

हालांकि, विपक्ष ने शाह के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के बजाय सरकार से पहले जवाबदेही तय करने की मांग की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में गोली चलाने और कीलों वाली लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया।

सदन में हंगामा, 2 बजे तक कार्यवाही स्थगित

बुधवार को संसद परिसर से लेकर दोनों सदनों तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि वह सत्र शुरू होने के बाद से रोज संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं। लेकिन विपक्ष सदन को चलने ही नहीं देता, ऐसे में सदन में जाकर बैठने का सवाल ही नहीं उठता। शाह ने विपक्ष के सामने 24 घंटे का सीधा प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि आज दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जाए और अगले दिन 3 बजे तक चर्चा हो। शाह के मुताबिक, वह सदन में बैठकर सभी सदस्यों को सुनेंगे और उनके सवालों का जवाब देंगे।

राहुल गांधी ने पूछा- छात्रों पर गोली किसने चलवाई?

अमित शाह के प्रस्ताव के बाद भी विपक्ष के तेवर नरम नहीं पड़े। राहुल गांधी ने चर्चा के प्रस्ताव को ही जवाबदेही के मुद्दे में बदल दिया। राहुल गांधी ने कहा कि हमें उनके लेक्चर में दिलचस्पी नहीं है, वो जवाब दें। उन्होंने सरकार से पूछा कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया और कीलों वाली लाठियों से छात्रों को पीटने का निर्देश किसने दिया। राहुल गांधी ने कहा कि अगर छात्रों पर गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री पर संसद में नहीं आने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमित शाह को सदन में आकर इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

खड़गे ने भी नहीं दिखाई नरमी

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संकेत दिया कि विपक्ष फिलहाल अपने विरोध से पीछे हटने के मूड में नहीं है। विपक्षी सांसद संसद परिसर में ‘अमित शाह जवाब दो’ के नारे लगाते रहे। वहीं बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जब गृह मंत्री खुद सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं तो विपक्ष को चर्चा से भागना नहीं चाहिए।

FCRA बिल पर JPC का रास्ता

संसद में जारी गतिरोध के बीच FCRA संशोधन विधेयक भी एजेंडे में अहम मुद्दा बना रहा। सरकार ने Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को दोनों सदनों की संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित JPC में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति समिति के सदस्यों को नामित करेंगे। समिति को 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी। यानी सरकार ने इस विधेयक को सीधे पारित कराने के बजाय उसे संसदीय जांच के दायरे में भेजने का रास्ता खोला है। हालांकि, विपक्ष की आपत्तियां अभी भी बरकरार हैं।

आखिरी दिन भी हंगामे के आसार

संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन अब सामने है और 17 दिनों से जारी गतिरोध के बाद चर्चा के लिए समय बेहद सीमित बचा है। सरकार की ओर से चर्चा का प्रस्ताव जरूर दिया गया है, लेकिन विपक्ष छात्रों पर कार्रवाई को लेकर पहले जवाब मांग रहा है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी शर्तों से एक कदम पीछे हटेंगे? क्या आखिरी दिन सदन में किसी मुद्दे पर सार्थक चर्चा हो पाएगी?

मौजूदा हालात को देखते हुए आखिरी दिन भी हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही प्रभावित होने के आसार हैं। 17 दिनों से जारी सियासी टकराव के बाद अब संसद के पास बेहद कम समय बचा है, लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होता फिलहाल नजर नहीं आ रहा।

Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारीauthor

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।

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