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Global Business Summit: देश में एक ऐसा इकोसिस्टम जो अच्छी चीजों के बारे में चर्चा ही नहीं होने देता है, पीएम मोदी ने सुनाई खरी-खरी

पीएम मोदी ने कहा, देश में ऐसा इकोसिस्टम भी है जो अच्छी चीजों के बारे में चर्चा ही नहीं होने देता है। वे उसे रोकने में ही ऊर्जा लगाए रहते हैं। जबकि लोकतंत्र में अच्छी चीजों पर भी चर्चा होना बहुत जरूरी है।

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GBS 2025 में पीएम मोदी

PM Modi Speech at ET Now Global Business Summit 2025: देश की राजधानी दिल्ली में आज ET नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट के 9वें एडिशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे तत्वों को निशाने पर लिया जो नकारात्मक बातों पर ही चर्चा करते हैं। पीएम ने कहा कि ऐसे लोग किसी भी अच्छी बात पर चर्चा नहीं होने देते और नकारात्मकता फैलाते रहते हैं। पीएम ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि अच्छी बातों पर भी चर्चा की जानी चाहिए।

नकारात्मकता फैलाने वाला इकोसिस्टम

पीएम मोदी ने कहा, देश में ऐसा इकोसिस्टम भी है जो अच्छी चीजों के बारे में चर्चा ही नहीं होने देता है। वे उसे रोकने में ही ऊर्जा लगाए रहते हैं। जबकि लोकतंत्र में अच्छी चीजों पर भी चर्चा होना बहुत जरूरी है। लेकिन धारणा बन गई है कि नेगेटिविटी बढ़ाओ, वही लोकतंत्र है, अगर पॉजिटीविटी की बात होती है तो डेमोक्रेसी को कमजोर करार दे दिया जाता है, इस मानसिकता से बाहर आना बहुत जरूरी है।

सरकारों को गुलामी के बोझ में जीने की आदत पड़ गई थी

पहले की सरकारें रिफॉर्म से बचती रही थीं। उनमें सोच थी कि कौन मेहनत करे, लोगों ने बिठाया है तो मौज करो, चुनाव आएगा तो देंखेगें। अक्सर चर्चा नहीं होती थी कि बड़े रिफॉर्म से देश में कितना बदलाव हो सकता है। आम तौर पर सरकारों को गुलामी के बोझ में जीने की आदत पड़ गई थी, इसलिए आजादी के बाद भी अंग्रेजों के जमाने की चीजों को ढोया जाता रहा। जस्टिस डिलेड, जस्टिस डिनाइड की बात हम कहते रहे, लेकिन यह कैसे ठीक होगा, इस पर बात नहीं की। हमने बदलाव को नोटिस ही नहीं किया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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