S. M. Krishna Death: भारत के पूर्व विदेश मंत्री और कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा का निधन हो गया है। वो 92 साल के थे। एसएम कृष्णा पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थे। कई बार अस्पताल में भर्ती भी हो चुके थे। जिसके बाद मंगलवार तड़के लगभग 2.30-2.45 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
सीएम से लेकर राज्यपाल तक रहे कृष्णा
उन्होंने 1999 से 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, जिसके दौरान उन्होंने बेंगलुरू को वैश्विक आईटी हब में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूपीए सरकार के तहत 2009 से 2012 तक विदेश मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने एक प्रतिष्ठित राजनेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल (2004-2008) और कर्नाटक विधानसभा का अध्यक्ष (1989-1993) पद भी संभाला।
कांग्रेस छोड़ थाम लिया था भाजपा का दामन
कांग्रेस के दिग्गज रहे कृष्णा ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ज्वाइन कर ली। अपनी सेवानिवृत्ति तक कर्नाटक की राजनीति में मार्गदर्शक बने रहे।
एचडी देवेगौड़ा के कट्टर प्रतिद्वंद्वी
2023 की शुरुआत में, एसएम कृष्णा को पद्म विभूषण के लिए चुना गया था। कृष्णा एक समय जद (एस) सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा के कट्टर प्रतिद्वंद्वी थे और वोक्कालिगा नेतृत्व के लिए उनकी लड़ाई जगजाहिर है।
एसएम कृष्णा की शिक्षा
1 मई, 1932 को कर्नाटक के मद्दुर में जन्मे कृष्णा ने मैसूर के महाराजा कॉलेज और बेंगलुरु के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की, उसके बाद टेक्सास के सदर्न मेथोडिस्ट यूनिवर्सिटी और वाशिंगटन डीसी के जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से एडवांस डिग्री हासिल की। प्रतिष्ठित फुलब्राइट स्कॉलरशिप प्राप्तकर्ता कृष्णा अपने समय के सबसे सफल नेताओं में से एक थे।
