कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उन्होंने लोकसभा में अमेरिका की मध्यस्थता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की। संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा, "विदेश मंत्री ने कई चीजें स्पष्ट नहीं कीं। मिसाल के तौर पर उन्होंने कहा कि कुछ दिनों तक प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति से बात नहीं की, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा कि मध्यस्थता में अमेरिका की भूमिका नहीं थी।"
एस जयशंकर ने क्या कहा
यह बयान उस समय आया है जब सरकार ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। लोकसभा में चर्चा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संघर्ष रुकवाने के दावों को लेकर विपक्ष के सवालों पर जयशंकर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 22 अप्रैल से 17 जून के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हुआ।’’
प्रियंका का आरोप
प्रियंका गांधी का आरोप है कि सरकार ने यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि अमेरिका ने इस मसले में मध्यस्थता की कोई भूमिका निभाई या नहीं। उनका कहना है कि विदेश मंत्री को इस विषय पर सीधा और दो टूक जवाब देना चाहिए था ताकि संदेह की कोई गुंजाइश न रहे।
