Kisan Andolan: किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को लेकर केंद्र सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। इसे लेकर सतर्कता बरतने के साथ तैयारियां की जा रही हैं। इस बीच तीन केन्द्रीय मंत्री 12 फरवरी को किसान नेताओं के साथ बैठक करेंगे। तो वहीं हरियाणा के सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है। वहीं किसानों के मार्च के मद्देनजर पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर व्यापक प्रबंध किया गया है।
किसान आंदोलन: पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय करेंगे बात
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने उनकी मांगों पर चर्चा के लिए उन्हें 12 फरवरी को आमंत्रित किया है। किसान नेता ने कहा कि तीन केंद्रीय मंत्री- पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने के लिए 12 फरवरी को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। यह बैठक किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च से एक दिन पहले यहां सेक्टर 26 में महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में होगी।
किसान आंदोलन: तीनों केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसानों की अहम बैठक
सरवन पंधेर ने चंडीगढ़ में बातचीत के लिए उन्हें आमंत्रित करने वाला पत्र भी साझा किया। तीनों केंद्रीय मंत्रियों के साथ पहली बैठक आठ फरवरी को हुई थी। किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव पंधेर ने सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं और एक साथ कई एसएमएस भेजने की सेवा पाबंदी लगाने के फैसले के लिए हरियाणा सरकार की निंदा की है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने कई मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए 13 फरवरी को 200 से अधिक किसान संघों के साथ ‘दिल्ली चलो’ मार्च की घोषणा की थी।
किसान आंदोलन: हरियाणा के सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी
हरियाणा सरकार ने 13 फरवरी को किसानों के प्रस्तावित 'दिल्ली चलो' मार्च से पहले शनिवार को सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं और एक साथ कई एसएमएस (संदेश) भेजने पर रोक लगा दी। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 11 फरवरी को सुबह 6 बजे से 13 फरवरी को रात 11.30 बजे तक अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संबंध में कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव डालने के लिए 13 फरवरी को 200 से अधिक किसान यूनियनों के समर्थन से 'दिल्ली चलो' मार्च की घोषणा की है।
मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, एक साथ कई एसएमएस भेजने और सभी डोंगल सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर शांति भंग होने की आशंका थी। हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) टीवीएसएन प्रसाद की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, '...अपर पुलिस महानिदेशक, सीआईडी, हरियाणा के 10 फरवरी के अनुरोध के माध्यम से मुझे जानकारी मिली है कि कुछ संगठनों के किसान मार्च के आह्वान के मद्देनजर अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में तनाव, अशांति, विरोध प्रदर्शन, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने और शांति भंग होने की आशंका है।'
किसान आंदोलन: पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर पुलिस के व्यापक प्रबंध
किसानों के 13 फरवरी को प्रस्तावित दिल्ली चलो मार्च से पहले अंबाला, जींद और फतेहाबाद जिलों में पंजाब-हरियाणा सीमाओं को सील करने के लिए विस्तृत व्यवस्था की जा रही है। हरियाणा पुलिस ने शनिवार को एक यातायात परामर्श जारी कर हरियाणा से पंजाब तक प्रमुख मार्गों पर संभावित यातायात व्यवधान की आशंका को देखते हुए यात्रियों से 13 फरवरी को अति आवश्यक होने पर ही राज्य की सड़कों पर यात्रा करने का आग्रह किया। हरियाणा सरकार ने किसानों के प्रस्तावित दिल्ली मार्च से पहले सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं और एक साथ कई एसएमएस (संदेश) भेजने पर पाबंदी लगाने का आदेश भी दिया है।
इस बीच, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने पुलिस महानिरीक्षक (अंबाला रेंज) सिवास कविराज और अंबाला के पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह के साथ किसानों के प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर शनिवार को व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अंबाला के पास शंभू सीमा का दौरा किया। संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संबंध में कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव डालने के लिए 13 फरवरी को 200 से अधिक किसान यूनियनों के समर्थन से 'दिल्ली चलो' मार्च की घोषणा की है। हरियाणा पुलिस के यातायात परामर्श में आम लोगों से अपील की गई है कि वे केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही पंजाब की यात्रा करें।
किसान आंदोलन: दिल्ली में दाखिल नहीं होने पर किसान फिर से धरने पर बैठे
इससे पहले शुक्रवार को संसद तक मार्च करने की असफल कोशिश के एक दिन बाद प्रदर्शन कर रहे किसान शुक्रवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थानीय अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान परिषद (बीकेपी) के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पहले की तरह विरोध जारी रखेंगे और संसद का बजट सत्र समाप्त होने के बाद एक बार फिर दिल्ली तक मार्च करने का प्रयास करेंगे।
महिलाओं और बुजुर्गों सहित हजारों ग्रामीण बृहस्पतिवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थानीय विकास प्राधिकरणों द्वारा अतीत में अधिग्रहीत की गई उनकी भूमि के बदले में बढ़े हुए मुआवजे और विकसित भूखंड देने की अपनी मांगों को लेकर निकाले गए मार्च में शामिल हुए। विरोध मार्च की वजह से दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। दिन भर चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल और गौतम बौद्ध नगर पुलिस के बीच एक बैठक हुई। हालांकि, बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला।
'दिल्ली चलो' मार्च के मद्देनजर केंद्रीय बलों की 50 कंपनियां तैनात
किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च से पहले, हरियाणा पुलिस ने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 50 कंपनियां तैनात की हैं और अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि किसी को भी शांति व सद्भाव बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने किसानों से अगले सप्ताह होने वाले मार्च में बिना अनुमति के भाग नहीं लेने को कहा है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
(भाषा)
