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Shiv Sena Symbol पर संग्राम! खफा उद्धव ने EC का लिखा खत, कहा- शिवसेना बालासाहब ठाकरे दे दें नाम

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  • Updated Oct 9, 2022, 07:06 PM IST

चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद उद्धव गुट को मुंबई के अंधेरी ईस्ट में होने वाले उपचुनाव में अब अलग नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करना होगा। एकनाथ शिंदे गुट को भी अब अलग सिंबल चुनना होगा। जून में शिवसेना के बंटवारे के बाद से दोनों गुट एक-दूसरे पर बाल ठाकरे की विरासत को कलंकित करने का आरोप लगाते रहे हैं।

चुनाव आयोग ने शिवसेना (Shiv sena) के चुनावी चिह्न को फ्रीज कर दिया है। जिसके बाद से एकनाथ शिंदे और उद्धव गुट को अब अलग-अलग चुनाव चिह्न चुनना पड़ेगा। वहीं खबर है कि उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी का नाम शिवसेना बालासाहेब ठाकरे देने की मांग की है

इससे पहले आयोग के फैसले पर उद्धव गुट ने नाराजगी जताई थी, वहीं शिंदे गुट इस फैसले का स्वागत कर रहा था। ठाकरे के वफादार महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अम्बादास दानवे ने कहा कि निर्वाचन आयोग को उपचुनाव के लिए अंतरिम आदेश जारी करने के स्थान पर समेकित फैसला लेना चाहिए था। उन्होंने पीटीआई से कहा- यह अन्याय है।

वहीं शिवसेना के सांसद और उद्धव ठाकरे समर्थक अरविंद सावंत ने शनिवार को इस फैसले के लिए चुनाव आयोग से नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान का "मजाक" बनाया जा रहा है। चुनाव आयोग के फैसले पर निशाना साधते हुए अरविंद सावंत ने कहा- "जिस तरह से उन्होंने हमारे चुनाव चिह्न को फ्रीज किया है, उसे देखते हुए अदालती कार्यवाही और जांच होनी चाहिए। देश में क्या हो रहा है? संविधान का मजाक बनाया गया है।"

अब अंधेरी ईस्ट में होने वाले उपचुनाव के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिह्नों का चुनाव करना पड़ेगा। शिवसेना में टूट के बाद ठाकरे गुट और शिंदे गुट के लिए यह पहली चुनावी परीक्षा है। दिलचस्प बात यह है कि आगामी मुकाबला ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े और भाजपा के बीच है। शिंदे गुट चुनाव नहीं लड़ रहा है। इस चुनाव से पहले ही चुनाव आयोग ने चुनाव चिह्न फ्रीज करके उद्धव गुट को झटका दे दिया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब उद्धव गुट आगे की लड़ाई कोर्ट में लड़ने की तैयारी कर रहा है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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