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ED Raid: स्टालिन के एक और मंत्री के यहां ईडी का छापा, तमिलनाडु में दुरई मुरुगन के कई ठिकानों पर रेड

तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरई मुरुगन के ठिकानों पर ईडी ने रेड मारी है। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले को लेकर ये छापेमारी कर रही है। दुरई मुरुगन सीएम स्टालिन के खास माने जाते हैं और डीएमके के पुराने कद्दावर नेताओं में से एक हैं।

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तमिलनाडु के मंत्री के आवास पर ईडी का छापा

Photo : ANI

तमिलनाडु में एक और डीएमके के मंत्री के यहां ईडी की छापा पड़ा है। ईडी, डीएमके के कद्दावर नेता और तमिलनाडु के मंत्री दुरई मुरुगन से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि ये छापेमारी 2019 में दर्ज एक मामले को लेकर है। यह केस दुरई के बेटे और डीएमके सांसद कथिर आनंद से जुड़ी हुई है। उनके पांच ठिकानों पर रेड डाली गई है। यह छापेमारी सुबह शुरू हुई और अब भी जारी है। ईडी के अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में मीडिया को कोई बयान नहीं दिया है।

कथिर आनंद के नाम है केस

कथिर आनंद तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके के वरिष्ठ नेता और स्टालिन सरकार में दूसरे नंबर के मंत्री एस. दुरई मुरुगन के बेटे हैं। दुरई मुरुगन डीएमके महासचिव हैं और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के करीबी माने जाते हैं। दुरई मुरुगन तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके के महासचिव हैं और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के करीबी सहयोगी हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि के भी करीबी थे। तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरई मुरुगन का वेल्लोर जिले में काफी प्रभाव है। डीएमके की मानें तो इस छापेमारी के जरिए ईडी पार्टी को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। इस छापेमारी का संबंध 2019 में इनके खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ा बताया जा रहा है।

रद्द हो चुका है चुनाव

बता दें कि 2019 में चुनाव आयोग (ईसीआई) ने वेल्लोर लोकसभा सीट पर चुनाव रद्द करने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस पर कार्रवाई की और वेल्लोर का चुनाव रद्द कर दिया। दरअसल, चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने कथिर आनंद के घर और अन्य स्थानों से 11 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की थी। इसके बाद, 16 अप्रैल को चुनाव रद्द किया गया था। 5 अगस्त 2019 को फिर से चुनाव हुआ। इस बार डीएमके के उम्मीदवार कथिर आनंद ने एआईएडीएमके के ए.सी. शनमुघम को 8,141 वोटों के छोटे अंतर से हराया। 2024 में कथिर आनंद फिर जीते। उन्होंने ए.सी. शनमुघम को 2,15,702 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।

पहले भी डीएमके के मंत्री के यहां पड़ चुका है छापा

डीएमके के दो अन्य मंत्री सेंथिल बालाजी और के. पोनमुडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में ईडी के मामलों का सामना कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बालाजी को इस मामले में जमानत दी है, जिसके बाद बालाजी फिर से स्टालिन सरकार में मंत्री बन गए हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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