महाराष्ट्र की राजनीति हाल के वर्षों में उथल-पुथल वाली रही है, कब-कौन पलटी मार ले कहा नहीं जा सकता, शाम जो विपक्ष में होता है वो अगले दिन सत्ता में आ जाता है, जो सीएम होता है वो विपक्ष में आ जाता है, ऐसा ही समीकरण एक बार फिर देखने को मिल रहा है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से उद्धव गुट, बीजेपी से नजदीकियां बढ़ाते हुए दिख रहा है। जीत के पहले उद्धव ठाकरे खुद सीएम देवेन्द्र फडणवीस से मुलाकत करने पहुंचे थे, अब अपने मुखपत्र सामना में फडणवीस की जमकर तारीफ की है।
फडणवीस के किस काम की तारीफ
दरअसल नए साल के पहले दिन महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस गढ़चिरौली में थे। इस दिन 11 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने की खातिर आत्मसमर्पण किया था। जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की थी, अब धुर विरोधी दल शिवसेना यूबीटी ने भी अपने मुखपत्र सामना में उनकी कोशिशों की प्रशंसा की है। फडणवीस के बारे में सामने में लिखा गया है कि देवाभाऊ प्रशंसा के पात्र हैं। लिखा गया है- "मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नए साल पर गढ़चिरौली जिले को चुना। जब मंत्रिमंडल के कई मंत्री मलाईदार महकमों और विशेष जिले के ही पालकमंत्री पद के लिए अड़े बैठे हुए थे, मुख्यमंत्री फडणवीस गढ़चिरौली पहुंचे और उस नक्सल प्रभावित जिले में विकास के एक नए पर्व की शुरुआत की।
फडणवीस को बताया-भावी पालक मंत्री
इस संपादकीय में उम्मीद जताई गई कि सीएम आदिवासी समाज की जिंदगी बदलेंगे। लिखा है- कुल मिलाकर यही लग रहा है कि ‘भावी पालक मंत्री’ फडणवीस गढ़चिरौली में कुछ नया करेंगे, वहां के आदिवासियों की जिंदगी बदल देंगे। हालांकि, गढ़चिरौली के विकास को अपने दावों के अनुरूप ही पूरा करने के लिए उन्हें गढ़चिरौली के विकास का ‘रोडमैप’ लागू करना होगा। गढ़चिरौली में अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
क्या बोले संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने इस लेख पर कहा- "हमने देवेंद्र फडणवीस की प्रशंसा की है क्योंकि सरकार ने अच्छा काम किया है। महाराष्ट्र हमारा राज्य है और गढ़चिरौली जैसी जगह जो नक्सलवाद से प्रभावित है - अगर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और संवैधानिक मार्ग चुना - तो हम इसका स्वागत करते हैं... पहले के 'संरक्षक मंत्री' ऐसा कर सकते थे - लेकिन इसके बजाय, उन्होंने अपने एजेंट नियुक्त किए और पैसा इकट्ठा किया जिससे नक्सलवाद बढ़ा... हमने देवेंद्र फडणवीस के साथ काम किया है - वह रिश्ता जारी है, लेकिन हम विपक्ष में हैं और हम मुद्दे उठाते रहेंगे।"
