प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई, नवी मुंबई और गुजरात के सूरत व भावनगर में 11 ठिकानों पर छापेमारी की। 28 अक्टूबर को हुई इस कार्रवाई में ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाले पैसे को ठिकाने लगाने और उसे वैध कमाई के रूप में दिखाने के तरीके की जांच की गई। ईडी ने दावा किया कि इस सिंडिकेट को नवीन चिचकर, धीरज चिचकर और उनके सहयोगी चला रहे थे।
ईडी की यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), मुंबई की ओर से दर्ज मामले के आधार पर शुरू की थी। एनसीबी ने मुंबई और नवी मुंबई में बड़ी मात्रा में हाई क्वालिटी हाइड्रोपोनिक गांजा, कोकीन और बेहिसाब नकदी बरामद की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए कोकीन, हाइड्रोपोनिक गांजा, एलएसडी और गांजे से बने खाद्य पदार्थों की सप्लाई करते थे। इनमें से ज्यादातर नशीले पदार्थ विदेशों से मंगाए जाते थे।
छापेमारी के दौरान इन चीजों की हुई बरामदगी
छापेमारी के दौरान ईडी ने हाई-एंड स्मार्टफोन, लैपटॉप, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, हिसाब-किताब की किताबें, वित्तीय रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में पता चला कि ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाली नकदी को अमेरिकी डॉलर और थाईलैंड की मुद्रा बाट में बदला जाता था। इसके बाद इस रकम को आरोपियों तक पहुंचाया जाता था। कुछ रकम को वैध कारोबार में भी निवेश किया गया, ताकि उसे कानूनी कमाई के तौर पर दिखाया जा सके।
ईडी ने कथित तौर पर ड्रग्स से कमाए गए पैसे से जुड़े क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और डिजिटल संपत्तियों का भी पता लगाया है। जांच में ऐसे क्रिप्टो ट्रेडिंग खातों की जानकारी मिली है, जिन्हें कुछ संदिग्ध भारत के बाहर से चला रहे थे। अब ईडी इन वॉलेट और खातों से जुड़े लेनदेन, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और अन्य कड़ियों की जांच कर रही है, ताकि अपराध से अर्जित आय का पता लगाकर उसे जब्त किया जा सके। मामले में आगे की जांच जारी है।
