Jio Platform Q2 Results: जियो प्लेटफॉर्म्स ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही काफी अच्छी रही। जियो का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 14 फीसदी बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, कंपनी की कुल कमाई में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.3 फीसदी बढ़कर 47,485 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 42,652 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA भी बढ़कर 21,879 करोड़ रुपये पहुंच गया।
अगर GST को हटाकर ऑपरेशंस से होने वाली कमाई की बात करें, तो सितंबर तिमाही में यह 40,475 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी दौरान कंपनी को इस मद में 36,332 करोड़ रुपये मिले थे। यानी इसमें 11.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी की कुल आय में इतनी बढ़ोतरी
वहीं, कंपनी की कुल आय पिछले साल के 36,986 करोड़ रुपये से बढ़कर 41,453 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी तरफ, कंपनी के खर्च में भी इजाफा हुआ है। सितंबर तिमाही में कुल खर्च 30,194 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 27,049 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में भी जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन अच्छा रहा। अप्रैल से सितंबर के बीच कंपनी की ऑपरेशंस से कमाई 11.6 फीसदी बढ़कर 79,648 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 71,364 करोड़ रुपये थी।
इसी तरह कंपनी का टैक्स चुकाने के बाद बचा मुनाफा यानी प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 11.5 फीसदी बढ़ा। यह पिछले साल के 14,489 करोड़ रुपये से बढ़कर 16,151 करोड़ रुपये हो गया।
आकाश अंबानी ने बताया अच्छे नतीजों की वजह
जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा कि कंपनी के नए शेयरधारकों का वह स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि लिस्टेड कंपनी के तौर पर जियो अब एक नए सफर की शुरुआत कर रही है। आकाश अंबानी के मुताबिक, कंपनी के अच्छे नतीजों के पीछे मजबूत 5G नेटवर्क, ब्रॉडबैंड सेवाओं का बढ़ता दायरा और डिजिटल बिजनेस की लगातार बढ़ती पहुंच अहम वजहें हैं।
Jio ARPU में भी हुआ सुधार
जियो के लिए एक और अच्छी खबर ARPU के मोर्चे पर आई है। ARPU का मतलब है कि कंपनी को हर ग्राहक से औसतन हर महीने कितनी कमाई होती है। सितंबर तिमाही में जियो का ARPU सालाना आधार पर 3.5 फीसदी बढ़कर 218.8 रुपये हो गया। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह 211.4 रुपये था। वहीं, जून तिमाही में कंपनी का ARPU 215.6 रुपये रहा था।
इस तरह पिछली तिमाही के मुकाबले भी इसमें सुधार हुआ है। हालांकि, कंपनी की तरफ से फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों को दिए जा रहे प्रमोशनल ऑफर्स की वजह से ARPU में बढ़ोतरी का पूरा फायदा नहीं मिल पाया।
ग्राहकों के इंटरनेट इस्तेमाल में भी तेजी आई है। जियो के एक ग्राहक की औसत मासिक डेटा खपत 14.2 फीसदी बढ़कर 44.2 GB हो गई। वहीं, कंपनी के नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में 22.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 71.3 अरब GB तक पहुंच गया।
जियो के साथ तेजी से जुड़ रहे नए ग्राहक
ग्राहकों की संख्या के मामले में भी जियो ने अच्छी बढ़त दर्ज की है। सितंबर 2026 के आखिर तक कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 54.24 करोड़ हो गई। पिछले साल के मुकाबले इसमें 7.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जुलाई से सितंबर के बीच जियो ने अपने नेटवर्क से 91 लाख नए ग्राहक जोड़े। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी के साथ 83 लाख नए ग्राहक जुड़े थे।
इसके अलावा, कंपनी के ग्राहक छोड़कर जाने की दर यानी चर्न रेट में भी गिरावट आई है। सितंबर तिमाही में यह घटकर 1.6 फीसदी रह गई, जबकि पिछले साल इसी दौरान 1.9 फीसदी थी। चर्न रेट में कमी का मतलब है कि अब पहले के मुकाबले कम ग्राहक जियो का नेटवर्क छोड़ रहे हैं। कंपनी के लिए यह अच्छी बात है, क्योंकि इससे पता चलता है कि उसके मौजूदा ग्राहक उसके साथ बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, जियो प्लेटफॉर्म्स के सितंबर तिमाही के नतीजे कंपनी की मजबूत स्थिति दिखाते हैं। मुनाफे और रेवेन्यू में बढ़ोतरी, ARPU में सुधार, डेटा की बढ़ती खपत और नए ग्राहकों के जुड़ने से कंपनी के डिजिटल और टेलीकॉम बिजनेस को मजबूती मिलती दिखाई दे रही है।
