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भावनगर में 1 नवंबर को एक साथ उड़ेंगे 9 विमान,दिखेगा सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का रोमांचक एयर शो

सूर्यकिरण टीम भारत और विदेशों में एयर शो के जरिए भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। टीम दुबई, चीन और थाईलैंड में भी प्रदर्शन कर चुकी है। इन देशों की सरकारों की ओर से टीम को आमंत्रित किया गया था।

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सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का रोमांचक एयर शो।

वडोदरा: भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (SKAT) 1 नवंबर 2026 को भावनगर के बोरतलाव में शानदार एयर शो करने जा रही है। सुबह 10:30 बजे होने वाले इस प्रदर्शन में टीम के 9 विमान एक साथ आसमान में करतब दिखाएंगे। एयर शो से पहले वडोदरा में टीम ने मीडिया से बातचीत की और अपने प्रदर्शन, कठिन ट्रेनिंग, सटीक उड़ान और युवाओं के लिए वायुसेना में करियर के अवसरों की जानकारी दी।

वडोदरा में मीडिया से बातचीत के दौरान स्क्वाड्रन लीडर दिवांकर शर्मा ने कहा कि सूर्यकिरण टीम का एयर शो भारतीय वायुसेना के लिए गर्व की बात है। टीम का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को वायुसेना और सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना भी है।

दो हिस्सों में होगा एयर शो, 9 विमान एक साथ दिखाएंगे करतब

भावनगर में होने वाले प्रदर्शन की जानकारी देते हुए स्क्वाड्रन लीडर दिवांकर शर्मा ने बताया कि एयर शो दो हिस्सों में होगा। पहले हिस्से में सभी 9 विमान एक साथ उड़ान भरेंगे और तालमेल के साथ एरोबेटिक करतब दिखाएंगे। दूसरे हिस्से में विमान छोटे-छोटे समूहों में बंट जाएंगे। इसके बाद टीम सिंक्रोनाइज्ड फॉर्मेशन और कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए कई रोमांचक और हैरतअंगेज करतब दिखाएगी।

शर्मा ने बताया कि सूर्यकिरण एशिया की एकमात्र ऐसी एरोबेटिक टीम है, जिसमें 9 विमान एक साथ उड़ान भरते हुए प्रदर्शन करते हैं। इस तरह के करतबों के लिए बेहद सटीक तालमेल और नियंत्रण की जरूरत होती है।

दुबई,चीन और थाईलैंड में भी कर चुकी है प्रदर्शन

स्क्वाड्रन लीडर शर्मा ने बताया कि सूर्यकिरण टीम भारत और विदेशों में एयर शो के जरिए भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। टीम दुबई, चीन और थाईलैंड में भी प्रदर्शन कर चुकी है। इन देशों की सरकारों की ओर से टीम को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसे प्रदर्शन के जरिए भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित करने और देश का झंडा ऊंचा करने का अवसर मिलता है।

5 मीटर की दूरी पर उड़ते हैं विमान, कठिन होती है ट्रेनिंग

एरोबेटिक करतबों की चुनौती के बारे में बताते हुए शर्मा ने कहा कि फॉर्मेशन के दौरान विमान कई बार एक-दूसरे से महज 5 मीटर की दूरी पर उड़ते हैं। इस तरह की सटीक उड़ान के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए पायलटों को कठिन ट्रेनिंग और लगातार अभ्यास से गुजरना पड़ता है। टीम के प्रदर्शन में जटिल करतबों को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए अनुशासन, तालमेल और उड़ान कौशल की अहम भूमिका होती है।

युवाओं को वायुसेना में शामिल होने के लिए किया प्रेरित

शर्मा ने कहा कि सूर्यकिरण के एयर शो से कई युवा भारतीय वायुसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित हुए हैं। उन्होंने बताया कि वायुसेना में युवाओं के लिए कई तरह के अवसर उपलब्ध हैं। युवा अधिकारी, एयरमैन और अग्निवीर के रूप में वायुसेना से जुड़ सकते हैं। तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के लिए अवसर हैं। लॉजिस्टिक्स, प्रशासन, मेंटेनेंस और अकाउंट्स जैसे विभागों में भी करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना के पास फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमान, हेलीकॉप्टर, आधुनिक ड्रोन तकनीक और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां हैं।

स्क्वाड्रन लीडर शर्मा ने युवाओं से वायुसेना के काम और अवसरों से प्रेरणा लेने तथा इसे अपने करियर के रूप में अपनाने की अपील की। भावनगर के बोरतलाव में 1 नवंबर को होने वाला सूर्यकिरण टीम का नौ विमानों वाला एयर शो शहर के लोगों और विमानन के शौकीनों के लिए खास आकर्षण रहेगा।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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