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खत्म हुआ इंतजार...आ गई जनगणना की तारीख, यूपी-पंजाब समेत चुनावी राज्य रहेंगे गणना से बाहर

विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में इस अवधि के दौरान जनगणना नहीं कराई जाएगी। इसके अलावा बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बर्फीले क्षेत्रों को भी इस कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।

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भारत में जनगणना।

केंद्र सरकार ने देश में जनगणना की तारीखों का एलान कर दिया है। सरकार ने बताया है कि बर्फीले क्षेत्रों और चुनावी राज्यों को छोड़कर देशभर में जनगणना की प्रक्रिया कराई जाएगी। ये कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगा। जनगणना के लिए संदर्भ तारीख 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है।

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी मिलेगा। इसके तहत 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

इन राज्यों में नहीं होगी तय समय पर जनगणना

सरकार के मुताबिक, विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में इस अवधि के दौरान जनगणना नहीं कराई जाएगी। इसके अलावा बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बर्फीले क्षेत्रों को भी इस कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।

स्व-गणना के लिए 10 से 24 जनवरी तक मिलेगा मौका

जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले लोगों को 15 दिनों का समय स्व-गणना के लिए दिया जाएगा। 10 से 24 जनवरी 2027 के बीच नागरिक निर्धारित व्यवस्था के तहत अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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