भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, फिलहाल, EVM से कोई डेटा न हटाएं और न ही कोई डेटा दोबारा लोड करें। चुनाव आयोग को चुनाव के बाद EVM मेमोरी और माइक्रोकंट्रोलर के बर्निंग प्रोसेस के बारे में कोर्ट को जानकारी देनी होगी बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि चुनाव के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का डाटा डिलीट न किया जाए।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को ईवीएम की बर्न्ट मेमोरी की जांच के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाने के लिए कहे वहीं सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने मार्च के पहले सप्ताह में सुनवाई की बात कही है।
'फिलहाल EVM से कोई भी डाटा डिलीट न किया जाए'
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि चुनावों के बाद ईवीएम का डाटा कैसे सुरक्षित रखा जाता है और प्रक्रिया क्या होती है वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि फिलहाल ईवीएम से कोई भी डाटा डिलीट न किया जाए और न ही इसमें कोई नया डाटा डाला जाए।
'...न ही उसमें नया डेटा लोड करें'
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि जिन जगहों पर हाल ही में चुनाव हुए हैं, उनके ईवीएम का डेटा चुनाव आयोग फिलहाल न मिटाए, न ही उसमें नया डेटा लोड करें।
