Patna Flood Alert: बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी उफान पर बह रही है और लगातार इसका जलस्तर बढ़ता जा रहा है। 2016 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए जलस्तर अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। साल 2016 की ऐतिहासिक बाढ़ के दौरान गंगा का जलस्तर 50.52 मीटर दर्ज किया गया था, लेकिन अब नदी 50.55 मीटर के खतरनाक स्तर पर बह रही है। नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
केंद्रीय जल आयोग का कार्यालय और मंदिर जलमग्न
जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर पटना के प्रमुख घाटों पर देखने को मिल रहा है। गांधी घाट पर स्थित केंद्रीय जल आयोग (CWC) का कार्यालय पानी में डूब चुका है, जिसके बाद कामकाज रोककर कार्यालय को बंद करना पड़ा है। कल तक जो मंदिर पानी से कुछ ऊपर नजर आ रहे थे, वे अब पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने गांधी घाट को आम लोगों के लिए बेहद खतरनाक घोषित करते हुए सील कर दिया है और वहां लोगों के जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।
कमर से ऊपर तक पहुंचा गंगा का पानी
घाटों और तटीय इलाकों में पानी कमर से ऊपर तक पहुंच चुका है। कई निचले रिहायशी इलाकों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में बाढ़ को लेकर दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में गंगा का ऐसा भयानक रूप पहले कभी नहीं देखा। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों को डर सता रहा है कि शहर में कहीं एक बार फिर 2016 जैसे प्रलयंकारी बाढ़ के हालात न बन जाएं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
