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Bhavnagar News: लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी को पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान जमकर पीटा; छिड़ा विवाद

आरोपी फैजल लखानी का पहले भी डकैती और अन्य गंभीर अपराधों का आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी फैजल लखानी और मृतका काजल बरैया पिछले करीब 7 वर्षों से फुटपाथ पर लिव-इन पार्टनर के रूप में रह रहे थे।

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भावनगर पुलिस ने हत्या के आरोपी को सरेआम पीटा (File photo)

Photo : PTI

Bhavnagar News: गुजरात के भावनगर शहर में अपने लिव-इन पार्टनर की नृशंस हत्या करने के आरोपी फैजल लखानी को पुलिस शनिवार को अपराध स्थल के रीक्रिएशन के लिए उसी बस स्टैंड पर लेकर पहुंची, जहां उसने वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को सार्वजनिक रूप से डंडों से पीटा। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है, हालांकि पुलिस प्रशासन ने अपने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि हत्या की क्रूरता और जनता में पुलिस के घटते विश्वास को देखते हुए ऐसा सख्त संदेश देना जरूरी था।

आरोपी पर डकैती सहित कई गंभीर आरोप

आरोपी फैजल लखानी का पहले भी डकैती और अन्य गंभीर अपराधों का आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी फैजल लखानी और मृतका काजल बरैया पिछले करीब 7 वर्षों से फुटपाथ पर लिव-इन पार्टनर के रूप में रह रहे थे। फैजल हाल ही में जेल से रिहा होकर बाहर आया था। बाहर आने पर उसे पता चला कि काजल के संबंध उसके ही एक परिचित रवि के साथ हो गए हैं। इसी रंजिश और बेवफाई के शक में गुरुवार को फैजल का काजल और रवि से झगड़ा हो गया।

जानलेवा हमला

गुरुवार को विवाद बढ़ने पर फैजल लखानी ने बस स्टैंड पर सरेआम काजल बरैया और रवि पर घातक हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल काजल को शहर के सरकारी सर टी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को नीलम बाग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फैजल लखानी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

सरेआम पिटाई का वीडियो वायरल

शनिवार को जब पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए आरोपी को बस स्टैंड लेकर आई, तो उसे रस्सियों से बांधकर घसीटा गया और डंडों से पीटा गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किया गया। नीलम बाग पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर डी. पी. अनादकट ने पुलिस की इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा- सरेआम महिला पर किए गए इस नृशंस हमले के वीडियो से पुलिस की छवि को गहरा धक्का लगा था। लोग कहने लगे थे कि कानून-व्यवस्था ठप हो गई है, गुंडे महिलाओं की हत्या कर रहे हैं और पुलिस बेबस है। इस तरह के दुर्लभ से दुर्लभतम मामले में अपराधियों में खौफ पैदा करने और खोया हुआ जनविश्वास बहाल करने के लिए हमें सख्त कदम उठाने पड़े।

हाईकोर्ट का सर्कुलर और कानूनी पहलू

सार्वजनिक रूप से पिटाई का यह मामला कानूनन विवादों में घिर सकता है। हाल ही में सूरत में पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपियों की सार्वजनिक पिटाई के मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था। इस सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने अदालत को सूचित किया था कि राज्य गृह विभाग ने 7 मई को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि पुलिस हिरासत में आरोपी से सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाना, घुटनों के बल चलवाना, लात मारना या डंडे से पीटना सख्त प्रतिबंधित है। ऐसा आचरण करने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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