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अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए द्रमुक हथियार के रूप में कर रही भाषा का इस्तेमाल, हम पोल खोलेंगे, संसद में गरजे शाह

पिछले कुछ समय से केंद्र और तमिलनाडु के बीच भाषा को लेकर विवाद जारी है। तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया है। हालांकि, केंद्र ने इस आरोप से इनकार किया है।

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अमित शाह

Photo : PTI

Amit Shah Attacks DMK Over Hindi Row: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रि-भाषा फार्मूले को लेकर जारी विवाद के बीच आज संसद में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर जोरदार हमला बोला। शाह ने कहा कि अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी भाषा को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर हुई शुक्रवार को चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन इस मुद्दे को गांव-गांव लेकर जाएगा और द्रमुक की पोल खेलेगा। शाह ने स्पष्ट किया कि हिंदी की किसी भी भारतीय भाषा से स्पर्धा नहीं है। हिंदी, सभी भारतीय भाषाओं की सखी है। हिंदी से ही सभी भारतीय भाषाएं मजबूत होती हैं और सभी भारतीय भाषाओं से ही हिंदी मजबूत होती है।

द्रमुक का केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप

पिछले कुछ समय से केंद्र और तमिलनाडु के बीच भाषा को लेकर विवाद जारी है। तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया है। हालांकि, केंद्र ने इस आरोप से इनकार किया है। द्रमुक का कहना है कि केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति में त्रि-भाषा फार्मूले के कार्यान्वयन के माध्यम से तमिलनाडु पर हिंदी भाषा थोपना चाहता है। राज्य सरकार का कहना है कि वह त्रि-भाषा फार्मूले का पालन नहीं करेगी, बल्कि तमिल और अंग्रेजी की, अपनी दशकों पुरानी द्वि-भाषा नीति पर ही कायम रहेगी। उच्च सदन में चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने राजभाषा विभाग के अंतर्गत भारतीय भाषा अनुभाग की स्थापना की है और सभी भारतीय भाषाओं के प्रचलन को बढ़ाने के लिए काम किया जाए।

भाषा के नाम पर दुकान चलाते हैं...

सभी भाषाओं का हिंदी और अंग्रेजी से अनुवाद के लिए ऐप बनाए जाने की घोषणा करते हुए शाह ने कहा कि दिसंबर महीने के बाद वह हर राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसदों को या वहां के किसी भी नागरिक से उसकी ही भाषा में ही पत्र व्यवहार करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि ये जो भाषा के नाम पर दुकान चलाते हैं अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए, उनको यह मजबूत जवाब है। शाह ने कहा कि भाषा के नाम पर बहुत राजनीति हो गई लेकिन अब यह बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश आगे बढ़ गया है। अब विकास की बात करिए। आप अपने घपले, घोटाले, भ्रष्टाचार छिपाने के लिए भाषा की आड़ लेते हैं। आपकी हम पोल खोलेंगे। गांव-गांव जाकर पोल खोलेंगे कि कि अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ये (द्रमुक) भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

शाह बोले- भारत की एक-एक भाषा भारत की संस्कृति का गहना

केंद्रीय गृह मंत्री ने भारत की एक-एक भाषा को भारत की संस्कृति का गहना करार दिया और भारतीय जनता पार्टी को दक्षिण भारतीय भाषाओं का विरोधी कहे जाने पर द्रमुक को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, यह कैसे हो सकता है? हम भी तो वहीं से आते हैं? मैं भी गुजरात से आता हूं। निर्मला जी तमिलनाडु से आती हैं। हम कैसे विरोधी (दक्षिण भारतीय भाषाओं के) हो सकते हैं? क्या बात करते हो आप? हमने भाषाओं के लिए काम किया है। हमने मेडिकल और इंजीनियरिंग के शिक्षा को भारत की भाषाओं में किया है।

तमिलनाडु सरकार में हिम्मत नहीं

शाह ने कहा कि केंद्र सरकार दो साल से तमिलनाडु सरकार से कह रही है लेकिन उसमें हिम्मत नहीं है मेडिकल और इंजीनियरिंग के शिक्षा को तमिल में अनुवादित करने की। उन्होंने कहा, क्योंकि आपके आर्थिक हित जुड़े हुए हैं। आप यह नहीं कर सकते हो। मगर हमारी सरकार आएगी तो हम मेडिकल और इंजीनियरिंग का कोर्स तमिल में बनाएंगे। उन्होंने भाषा के नाम पर जहर फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हजारों किलोमीटर दूर की कोई भाषा तो अच्छी लगती है पर भारत की भाषा उन्हें अच्छी नहीं लगती है। शाह ने कहा कि भारतीय भाषाओं के विकास के लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है, इसमें किसी को शंका नहीं होनी चाहिए।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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