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नवाब मलिक को लेकर महाराष्ट्र में बवाल, आमने-सामने शिंदे के दोनों डिप्टी सीएम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 7, 2023, 09:26 PM IST

Nawab Malik: देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को पत्र लिखकर कहा है कि नवाब मलिक पर जब गंभीर आरोप हैं तो उन्हें महागठबंधन में शामिल करना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा, सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन देश महत्वपूर्ण है।

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नवाब मलिक

Photo : BCCL

Nawab Malik: एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक को लेकर महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है। मुद्दा नवाब मलिक को शिवसेना-बीजेपी-एनसीपी (एपी) के सत्तारूढ़ महायुति में शामिल करने को लेकर है। इस पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अजीत पवार को पत्र लिखकर नवाब मलिका को महागठबंधन में नहीं शामिल करने को कहा है।

देवेंद्र फडणवीस की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि मलिक जिस तरह के आरोपों का सामना कर रहे हैं, उसे देखते हुए उन्हें महायुति गठबंधन में शामिल करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक विधायक के तौर पर विधानमंडल में आना मलिक का अधिकार है और उन्होंने गुरुवार को कार्यवाही में हिस्सा भी लिया। इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियों पर, फडणवीस ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि उनके मन में मलिक के खिलाफ कोई व्यक्तिगत दुश्मनी या द्वेष नहीं है।

सत्ता आती-जाती रहती, लेकिन देश महत्वपूर्ण

फडणवीस ने अपने पत्र में कहा है कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन देश महत्वपूर्ण है। अगर नवाब मलिक पर लगे आरोप साबित नहीं हुए तो हमें उनका स्वागत करना चाहिए, लेकिन हमारी स्पष्ट राय है कि जब उन ऐसे आरोप हैं तो उन्हें अपने गठबंधन का हिस्सा बनाना सही नहीं है। बता दें, नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह से संबंध होने का आरोप है। इसके अलावा उन पर दाऊद इब्राहिम के करीबियों के साथ मिलीभगत कर प्रॉपर्टी हड़पने का भी आरोप है। इसको लेकर ईडी ने चार्जशीट भी दाखिल की थी।

पवार गुट ने भी दी प्रतिक्रिया

देवेंद्र फडणवीस की ओर से लिखे गए पत्र के बाद अजीत पवार गुट की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी के प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा है कि किसी को कोर्ट की तरफ से दोषी बताए जाने से पहले देशद्रोही बताना ठीक नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि हम सभी नवाब मलिक का समर्थन करते हैं। बता दें, यह विवाद तब खड़ा हुआ है जब नवाब मलिक गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा के सत्र में शामिल हुए। इस दौरान वे अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के सदस्यों के साथ पहली पंक्ति में बैठे नजर आए।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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