फ्लाईदुबई विमान में हुए हमले की जांच के दौरान सह-पायलट के पुराने रिकॉर्ड को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। क्षेत्रीय अधिकारियों और मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक पूर्व में हमाम अल हम्मामी को ओमान ने उड़ान भरने से रोक दिया था। इसका कारण उसके कथित तौर पर चरमपंथी विचारों की ओर झुकाव को लेकर सामने आई सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं।
एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि इसके बाद उसे Oman Air में पायलट के बजाय प्रशासनिक पद पर भेज दिया गया था। हालांकि, बाद में UAE की एयरलाइन फ्लाईदुबई ने उसे सह-पायलट के तौर पर नौकरी दे दी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फ्लाईदुबई में भर्ती के दौरान उसका बैकग्राउंड कितने अच्छे से वैरिफाई किया गया था।
मामले से जुड़े एक Gulf diplomat के मुताबिक, नौकरी मिलने से पहले सह-पायलट सामान्य सुरक्षा जांच से गुजरा था। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार यह जांच मुख्य रूप से उसके खिलाफ किसी आपराधिक मामले या सजा की मौजूदगी का पता लगाने तक सीमित थी। उसके कथित कट्टरपंथी रुझानों के संकेतों की गहराई से जांच हुई थी या नहीं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कई देशों की एजेंसियां कर रहीं जांच
क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, चार क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा एजेंसियां सह-पायलट के मकसद और उसके बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं। इस जांच में अमेरिका समेत कुछ पश्चिमी देशों की एजेंसियों से भी मदद ली जा रही है। Gulf diplomat के मुताबिक, अब तक की जांच में सह-पायलट के किसी आतंकी या उग्रवादी संगठन से सीधे संबंध सामने नहीं आए हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां इस संभावना को भी देख रही हैं कि कथित तौर पर उसने यह कार्रवाई अकेले की हो।
UAE में हुआ जन्म, ओमानी नागरिकता मिली
अधिकारी के मुताबिक, सह-पायलट हमाम अल हम्मामी का जन्म UAE में हुआ था। उसकी मां सीरियाई हैं, जबकि उसके पिता ओमानी नागरिक थे। पिता की नागरिकता के आधार पर सह-पायलट को ओमान की नागरिकता मिली थी। अधिकारी ने यह भी बताया कि हमाम अल हम्मामी सीरिया की यात्रा कर चुका था। हालांकि, उसकी इस यात्रा का उद्देश्य क्या था और वहां उसने किन लोगों से मुलाकात की, इस बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।जांच एजेंसियां अब उसके पुराने रिकॉर्ड, यात्रा इतिहास, कथित विचारधारा और फ्लाईदुबई में भर्ती की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारियों की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसके पुराने रिकॉर्ड और विमान में हुई घटना के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।
UAE ने इजरायल से साझा की थी क्रू और यात्रियों की जानकारी
इस बीच सामने आया है कि UAE के अधिकारियों ने घटना से पहले इजरायल के साथ फ्लाइट के यात्रियों और क्रू की जानकारी साझा की थी। इसमें यात्रियों और क्रू की राष्ट्रीयता समेत अन्य विवरण शामिल थे। इसके बावजूद इजरायल की ओर से किसी यात्री या क्रू सदस्य के खिलाफ पहले से कोई रेड फ्लैग नहीं उठाया गया था। घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि इतनी जानकारी साझा किए जाने के बावजूद कथित हमलावर सुरक्षा जांच से कैसे बच गया। अधिकारियों के बीच सुरक्षा चूक को लेकर सवाल और आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं।इजरायल की घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट का कहना है कि विदेशी उड़ानों की पैसेंजर लिस्ट की जांच की जिम्मेदारी परिवहन मंत्रालय की है। वहीं, इजरायल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने सरकारी प्रसारक Kan से कहा कि फ्लाइट की सुरक्षा की जिम्मेदारी सुरक्षा एजेंसियों की है और उनके मंत्रालय को यात्रियों की सूची या किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई थी।
