Rajendra Pal Gautam: दिल्ली में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस की रणनीति और INDIA ब्लॉक के विस्तार के सवाल पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या INDIA ब्लॉक में अन्य दलों को भी शामिल किया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए किसी भी कुर्सी से ज्यादा महत्वपूर्ण देश, संविधान और लोकतंत्र को बचाना है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए बोली ये बात
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि देश को बचाने, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने की इस मुहिम में जो भी लोग साथ आना चाहते हैं, उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान को मानते हैं, लोकतंत्र में भरोसा रखते हैं और नहीं चाहते कि देश नफरत के आधार पर चले, वे सभी INDIA ब्लॉक के साथ आ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राजनीतिक दल ऐसे हैं जिन्हें भारतीय जनता पार्टी ने ही तैयार किया है और वे उसी के सहयोग से आगे बढ़ रहे हैं।
सीट शेयरिंग का फैसला जल्द किया जाना चाहिए
वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सीट शेयरिंग को लेकर राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी और बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक है और उसने देश को नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सीट शेयरिंग का फैसला जल्द किया जाना चाहिए और उनकी कोशिश है कि अक्टूबर महीने में ही इस मुद्दे को सुलझा लिया जाए, ताकि चुनाव लड़ने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
'थोड़ा झुकना पड़ा तो झुकेंगे'
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में INDIA ब्लॉक के तहत मुख्य रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की जिम्मेदारी है। दोनों दल एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और उन्हें साथ मिलकर आगे बढ़ना है। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि गठबंधन में हिस्सेदारी और सम्मान बराबर होना चाहिए। सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान की तरह लचीला रुख अपनाने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस थोड़ा झुकने को भी तैयार है, लेकिन गठबंधन में सम्मान और उचित हिस्सेदारी बनी रहनी चाहिए।
आराधना मिश्रा 'मोना' ने बोली थी ये बात
वहीं इससे पहले शनिवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने सीट शेयरिंग को लेकर अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि INDIA गठबंधन केवल उत्तर प्रदेश के लिए बनाया गया गठबंधन नहीं है, बल्कि इसका गठन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ था। ऐसे में यूपी में सीटों के बंटवारे और गठबंधन से जुड़े अहम फैसले दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की सहमति से लिए जाएंगे। कांग्रेस की ओर से कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा और गठबंधन को लेकर फैसला किस समय किया जाएगा, यह पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा। उन्होंने भरोसा भी जताया था कि शीर्ष नेतृत्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं, उनकी उम्मीदों और संगठन के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगा।
