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Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR को गर्मी से मिलने वाली है राहत, जानिए अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 17, 2023, 10:08 PM IST

Weather Update: राजस्थान के धूल चक्रवात का असर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में अगले तीन से चार दिन तक बना रहेगा। दिल्ली में गुरुवार को धूल भरी आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया कि 20 से 30 किलोमीटर प्रतिधंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

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मौसम का हाल

Photo : BCCL

Weather Update: दिल्ली-NCR का मौसम लगातार बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी आसमान में बादल छा रहे हैं। इस बीच दो दिनों से धूल भरी आंधी ने भी लोगों को परेशान किया है। हालांकि, अब दिल्लीवासियों को मौसम विभाग ने राहत भरी खबर सुनाई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में बुधवार रात तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश पड़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुवार को भी कुछ इलाकों में बूंदाबांदी होगी, जिससे गर्मी से मामूली राहत मिलेगी।

बता दें, दिल्ली-NCR में बुधवार सुबह बादल छाए रहे और ठंडी हवा चली, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया। हालांकि, 10 बजते-बजते निकली तेज धूप ने पारा एक बार फिर ऊपर चढ़ा दिया। इस कारण तापमान 40 डिग्री से ऊपर चढ़कर 41.1 डिग्री पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, शाम को एक बार फिर से मौसम ने करवट ली और बादलों के साथ तेज हवाओं ने उमस से कुछ हद तक लोगों को राहत दी ।

अगले चार दिन दिल्ली में धूल भरी आंधी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में धूल भरी आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के धूल चक्रवात का असर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में अगले तीन से चार दिन तक बना रहेगा। दिल्ली में गुरुवार को धूल भरी आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया कि 20 से 30 किलोमीटर प्रतिधंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हालांकि, मौसम विभाग ने कहा है कि रविवार के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी। इस दौरा पारा 43 डिग्री तक पहुंच सकता है।

इन इलाकों में हो सकती है बारिश

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी दिल्ली, हरियाणा के गोहाना, गन्नौर, सोनीपत और रोहतक, इसके अलावा बड़ौत, बागपत व अन्य कुल इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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