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हरदीप सिंह पुरी की बेटी को एप्स्टीन से जोड़ने वाली सोशल मीडिया सामग्री हटाई जाए- दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर हरदीप सिंह पुरी की बेटी को जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने वाली सामग्री को प्रकाशित और प्रसारित करने पर रोक लगाई।

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एपस्टीन फाइल्स केस में हरदीप सिंह पुरी की बेटी को कोर्ट से बड़ी राहत

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी को दिल्ली हाईकोर्ट से एप्स्टीन फाइल्स मामले में बड़ी राहत मिली है। एप्स्टीन फाइल्स में हिमायनी पुरी के नाम होने के दावे किए जा रहे थे, जिसके बाद हिमायनी पुरी ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। जिसपर आज सुनवाई हुई और हाईकोर्ट ने हरदीप सिंह पुरी की बेटी को जेफ्री एप्स्टीन से जोड़ने वाली सोशल मीडिया सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने आदेश में क्या कहा?

न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ना ने उपयोगकर्ताओं को सोशल मीडिया मंचों पर किसी भी तरह से ऐसी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से भी रोका। हिमायनी पुरी द्वारा दायर एक मुकदमे की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि यदि सोशल मीडिया उपयोगकर्ता पोस्ट नहीं हटाते हैं, तो मंच ऐसी सामग्री को हटा देंगे या उस तक पहुंच को अवरुद्ध कर देंगे। अदालत ने कहा कि हिमायनी पुरी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है और यदि अंतरिम राहत नहीं दी गई तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। उच्च न्यायालय ने कहा, ’’परिणामस्वरूप, अगली सुनवाई की तारीख तक निम्नलिखित निर्देश जारी किए जाते हैं।’’ अदालत ने मामले पर अगली सुनवाई अगस्त में तय की।

10 करोड़ हर्जाने की मांग

वादी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि वित्त पेशेवर के रूप में उनकी मुवक्किल की ’’वैश्विक प्रतिष्ठा’’ है जिसकी उन्हें रक्षा करनी है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ’’पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं।’’ हिमायनी पुरी ने अपने मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है और कई संस्थाओं को मानहानिकारक सामग्री फैलाने से रोकने का आदेश देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें एप्स्टीन और उसके अपराधों से जोड़ने के लिए एक ’’समन्वित और दुर्भावनापूर्ण ऑनलाइन अभियान’’ चलाया गया। उन्होंने आरोपियों से बिना शर्त माफी मांगने और अपने पोस्ट वापस लेने की भी मांग की।

एप्स्टीन के साथ साथ संबंध नहीं- हिमायनी पुरी

याचिका में कहा गया है, ’’22 फरवरी 2026 के आसपास से सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों, जिनमें ’एक्स’, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन, डिजिटल समाचार पोर्टल और अन्य वेब आधारित प्रकाशन शामिल हैं, पर झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक पोस्ट, लेख, वीडियो और सामग्री प्रकाशित और प्रसारित किए गए।’’ हिमायनी पुरी ने दावा किया कि वह एक सफल वित्त और निवेश पेशेवर हैं और उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की बेटी हैं। उनके मुकदमे के अनुसार, प्रतिवादियों ने यह ’’निराधार आरोप’’ फैलाए कि हिमायनी पुरी के जेफ्री एप्स्टीन के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष व्यावसायिक, वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध थे। याचिका में कहा गया कि ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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