Ex IAS Divya Mittal Politics: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से अपने इस्तीफे के स्वीकार होने के बाद भविष्य की राह को लेकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया पर एक विस्तृत संदेश और संबोधन जारी करते हुए उन्होंने औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखने की घोषणा की है। हालांकि, पारंपरिक राजनेताओं से अलग राह चुनते हुए दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी स्थापित राजनीतिक दल (बीजेपी, सपा, कांग्रेस आदि) में शामिल नहीं होंगी, बल्कि सीधे जनता के मंच के माध्यम से स्वतंत्र राजनीति करेंगी।
80 साल के झंडों के नीचे खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता
राजनीतिक व्यवस्था पर हमला बोलते हुए पूर्व डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि देश में दशकों से केवल समीकरण बिठाए गए हैं, लेकिन विकास और जवाबदेही के मोर्चे पर ठोस बदलाव नहीं हुआ।
किसी दल से नहीं, लोगों से जुड़ाव: उन्होंने ऐलान किया, 'मैं किसी झंडे या दल के साथ नहीं, केवल लोगों के साथ राजनीति करूंगी। जिन झंडों के नीचे 80 साल में हिसाब नहीं बदला, उनके नीचे खड़े होकर उनसे हिसाब नहीं मांगा जा सकता।'
हिसाब की राजनीति: उन्होंने कहा कि राजनीति बदलनी होगी और इरादों की राजनीति करनी होगी। 'मुझे स्कूल, सड़क, पुल, स्वास्थ्य और सरकारी जमीनों का हिसाब चाहिए। जब व्यवस्था में फिक्र नहीं होती, तो किसी की मौत हादसा नहीं बल्कि फैसला होती है।'
पैसा और बाहुबल: चुनाव में बहने वाले पानी जैसे पैसे पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव में बहाया जाने वाला यही पैसा आम जनता के स्कूल, अस्पताल और सड़कों के बजट से आता है।
उत्तर प्रदेश होगी कर्मभूमि, दिया 'चलिए हिसाब मांगते हैं' का नारा
आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ीं और मिर्जापुर व देवरिया जैसे जिलों की डीएम रह चुकीं दिव्या मित्तल ने यूपी से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने का संकल्प लिया:
यूपी से शुरुआत: उन्होंने घोषणा की, 'उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही मेरी कर्मभूमि है और मेरी राजनीतिक शुरुआत यहीं से होगी।'
सबको साथ आने का आह्वान: उन्होंने देश के शिक्षकों, डॉक्टरों, किसानों, मजदूरों, वकीलों और युवाओं/छात्रों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति अकेला नई राजनीति नहीं बना सकता, इसके लिए सभी के साथ की जरूरत है।
'खुद मसीहा बनने का समय': जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा, 'अस्सी साल से हम किसी नेता या मसीहा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जिसका हम इंतजार कर रहे थे, वो हम खुद हैं। मुझ पर नहीं, अपने आप पर भरोसा करिए।' बता दें कि दिव्या मित्तल ने अपने इस नए अभियान को 'चलिए हिसाब मांगते हैं' का नारा दिया है, जिसके तहत वह उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर जन-सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रखरता से उठाएंगी।
