Arvind Kejriwal judicial custody : दिल्ली आबकारी नीति मामले के मनीलॉन्ड्रिग केस में गिरफ्तार में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को केजरीवाल की न्यायिक हिरासत सात मई तक के लिए बढ़ा दी। यही नहीं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के कविता और गोवा चुनाव में आम आदमी पार्टी के कथित फंड मैनेजर चरणप्रीत सिंह की भी न्यायिक हिरासत सात मई तक बढ़ा दी गई है। हिरासत अवधि समाप्त होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश किए जाने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामलों की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने उनकी हिरासत बढ़ाई।
कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया
केजरीवाल को लगातार दूसरे दिन झटका लगा है। सोमवार को उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए नियमित रूप से अपने पारिवारिक डॉक्टर से परामर्श करने की इजाजत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी। हालांकि, कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को एक मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया। यह बोर्ड यह देखेगा कि केजरीवाल की चिकित्सकीय एवं इंसुलिन दिए जाने की जरूरत है कि नहीं।
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केजरीवाल को इंसुलिन दी गई
बता दें कि केजरीवाल के रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ने पर उन्हें तिहाड़ जेल में इंसुलिन दी गई। तिहाड़ के एक अधिकारी ने कहा, 'अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों की सलाह पर केजरीवाल को सोमवार शाम को कम ‘डोज’ वाली इंसुलिन की दो यूनिट दी गईं।' अधिकारी ने बताया कि शाम करीब सात बजे उनके रक्त में शर्करा की मात्रा 217 पाई गयी, जिसके बाद तिहाड़ में उनकी देखभाल कर रहे चिकित्सकों ने उन्हें इंसुलिन देने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री को इंसुलिन मिल ही गया-संजय सिंह
आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि भगवान हनुमान का आशीर्वाद है कि लगभग 23 दिनों तक जेल में रहने और कथित दुर्व्यवहार के बावजूद आखिर मुख्यमंत्री को इंसुलिन मिल ही गया। सिंह ने कहा, 'भगवान हनुमान का आशीर्वाद है कि केजरीवाल को 23 दिनों के बाद इंसुलिन दिया गया। हम कह रहे थे कि केजरीवाल को इंसुलिन दिये जाने की जरूरत है लेकिन उन्होंने (जेल प्रशासन) अब इंसुलिन दिया। दिल्ली के लोग केजरीवाल के बारे में चिंतित थे लेकिन उनका संघर्ष सफल हुआ।'
