Indian Railway Freight Corridor: भारतीय रेलवे के फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के लिए एक बड़ी उपलब्धि का दिन है। गुरुवार को डीडीयू से सोननगर के बीच कनेक्ट होने के साथ ही ईस्ट वेस्ट रूट डायरेक्ट कनेक्ट हो गया। इस रूट पर दोनो लाइन पर मालगाड़ी चलने के साथ ही वेस्टर्न और ईस्टर्न कॉरिडोर की कनेक्टिविटी सीमलेस हो गई है।जब गर्मियों में कोयले की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में रेलवे अब पहले से दोगुनी स्पीड में ढुलाई कर पाने के हालात में होगा। गुरुवार को सोननगर के डगमग पुर से डीडीयू के बीच 27किलोमीटर लंबे रूट का कमीशन कर पहली ट्रेन चलाई गई।
साथ ही अप और डाउन दोनो रूट में ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। इस नए नेकलेस के शुरू होने का सबसे ज्यादा फायदा झारखंड ओडिशा बंगाल और बिहार से आने वाली माल ढुलाई को होगा। जहां सीधे सोननगर से इंडियन रेलवे के नेटवर्क को छोड़कर डीएफसीसी के नेटवर्क पर आ जायेगी। जहां से पूरे उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली पंजाब हरियाणा राजस्थान गुजरात तक बिना किसी रूकावट के आ जा सकेगी। जहां दिल्ली तक आने में उनको 35 से 40 घंटे लगते थे। अब मालगाड़ी 15 से 20 घंटे में दूरी पूरी कर लेगी।
डीएफसीसीएल से एमडी आरके जैन ने 'टाइम्स नाउ नवभारत' से खास बातचीत में बताया की दोनो रूट का कनेक्ट होगा एक बड़ी उपलब्धि हैं, अब बिहार से सोननगर से गुजरात के सानन्द के बीच रूट जुड़ गया। मौजूदा समय में डीएफसीसी का 75 फीसदी तक काम पूरा कर लिया गया हैं और तय लक्ष्य के मुताबिक दिसंबर तक 2741 किलोमीटर दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।
कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट्स-
2850 किलोमीटर पर काम हो रहा है।
2200 पूरा हो गया।
सोननगर से दादरी।
दादरी से सानंद रूट हुआ कनेक्ट
कोल और माइनिंग के लिए बड़ी राहत
मौजूदा समय में 200 से ज्यादा ट्रेनें चल रही है।
दिल्ली आने में 35 घंटे लगते थे अब 15से 20 तक लगेगी
वैगन का टर्न अराउंड बढ़ जायेगा।
बीते माह दादरी से रेवाड़ी जुड़ गया था।
आज एक नेकलेस पूरा हो गया है।
फूड ग्रेन रूट में मदद मिलेगी।
सोननगर से लुधियाना अगस्त तक कर लेंगे।
मुंबई तक 2024 तक उम्मीद है।
