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जंग के बीच भारत भी बढ़ा रहा ताकत: सरकार ने 2.38 लाख करोड़ रुपये के हथियार सौदों को मंजूरी दी, S-400 की होगी अतिरिक्त खरीद

रक्षा अधिग्रहण परिषद की स्वीकृति के बाद भारतीय सेना को कई महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म मिलने जा रहे हैं। इन नए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम की तैनाती से युद्ध के दौरान तेज और सटीक वायु-रक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी। साथ ही,आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन से टैंक रोधी क्षमता बढ़ेगी।

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2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा सौदों पर मुहर(PTI)

भारत ने अपनी रक्षा तैयारियों को नई रफ्तार दी है। केंद्र सरकार ने देश की तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए करीब ₹2.38 लाख करोड़ के मेगा रक्षा सौदों पर मुहर लगा दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की अहम बैठक में सेना,वायुसेना और तटरक्षक बल के लिए बड़े पैमाने पर आधुनिक सैन्य प्रणालियों की खरीद को हरी झंडी मिली। इस सौदे के तहत एस-400 मिसाइलों और परिवहन विमान सहित अन्य हथियार शामिल है

इस मंजूरी में एयर डिफेंस सिस्टम, धनुष आर्टिलरी गन, एस-400 मिसाइल सिस्टम की अतिरिक्त इकाइयाँ, मध्यम परिवहन विमान, ड्रोन आधारित अटैक प्लेटफॉर्म, और सुखोई-30 के इंजन ओवरहाल पैकेज जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।

सेना को मिलेगा आधुनिक उपकरणों का बड़ा पैकेज

डीएसी की स्वीकृति के बाद भारतीय सेना को कई महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म मिलने जा रहे हैं। इन नए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम की तैनाती से युद्ध के दौरान तेज और सटीक वायु-रक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी। साथ ही,आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन से टैंक रोधी क्षमता बढ़ेगी। वहीं, हाई-कैपेसिटी रेडियो रिले सिस्टम सेना की संचार श्रृंखला को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाएगा और उन्नत धनुष गन सिस्टम लंबी दूरी तक लक्ष्य भेदने में और अधिक घातक साबित होगा। इसके अलावा, रनवे-इंडिपेंडेंट सर्विलांस सिस्टम सेना को बिना हवाई पट्टी के भी निरंतर निगरानी करने में सक्षम बनाएगा। इसे सीमा क्षेत्रों में गेम-चेंजर माना जा रहा है।

वायुसेना को मिलेगा बूस्ट

2.38 लाख करोड़ के हथियार सौदों में भारतीय वायुसेना के लिए हुए अनुमोदन सबसे रणनीतिक माने जा रहे हैं। सरकार ने रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त यूनिटों की खरीद पर सहमति जताई है,जिससे दुश्मन के विमान, मिसाइल और ड्रोन को दूर से ही निष्क्रिय करने की क्षमता और बढ़ जाएगी। इसके अलावा,नए मध्यम परिवहन विमान पुराने AN-32 और IL-76 बेड़े की जगह लेंगे। वहीं, रिमोट-पायलटेड अटैक एयरक्राफ्ट (ड्रोन) वायुसेना की निगरानी, हमला और खुफिया क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देंगे,और सुखोई-30 के इंजन ओवरहाल से इन लड़ाकू विमानों की उम्र और दक्षता में वृद्धि होगी।

तटरक्षक बल को मिलेंगे हाई-स्पीड एयर कुशन व्हीकल्स

समुद्री सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारतीय तटरक्षक बल को उच्च क्षमता वाले एयर कुशन वाहनों (Hovercraft) की खरीद को मंजूरी मिली है। इनका उपयोग तटीय गश्त, खोज एवं बचाव अभियान, समुद्री टोही और लॉजिस्टिक सपोर्ट में किया जाएगा। खास बात यह है कि ये हाइब्रिड प्लेटफॉर्म समुद्र, दलदली क्षेत्र और रेतीले तट, हर प्रकार के इलाके में आसानी से चल सकते हैं।

रिकॉर्ड स्तर पर रक्षा निवेश

सरकार ने इस वर्ष रक्षा क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 55 महत्वपूर्ण रक्षा प्रस्तावों को स्वीकृति देते हुए कुल ₹6.73 लाख करोड़ के अधिग्रहण पर मुहर लगाई गई है। इसी वित्त वर्ष में 2.28 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 503 पूंजीगत अनुबंध भी साइन किए जा चुके हैं, जो भारतीय रक्षा इतिहास में एक साल के भीतर सबसे बड़ा अनुबंध पोर्टफोलियो है। सरकार का दावा है कि इस स्तर का निवेश भारत को न सिर्फ एक मजबूत सैन्य शक्ति बनाएगा, बल्कि रक्षा उत्पादन और स्वदेशी तकनीक को नई दिशा देगा।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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