Congress Party Meet: राष्ट्रीय राजधानी स्थित कांग्रेस मुख्यालय में महासचिवों और राज्य प्रभारियों की एक बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
लगातार विधानसभा में मिली हार के बाद संगठन को मजबूत कर ग्रासरूट तक पार्टी को जोड़ने की दिशा में कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने संगठन में बड़े बदलाव के तहत पिछले दिनों दो महासचिव और नौ राज्य प्रभारियों की नियुक्ति की।
कांग्रेस ने आज नए मुख्यालय 9A कोटला मार्ग में संगठन को मजबूत करने को लेकर महासचिव और राज्य प्रभारियों को रोडमैप दिया। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर सवाल भी उठाए।
बैठक की खास बातें
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछली दो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मैंने संगठनात्मक सुधार की बात की थी। उस कड़ी में कई फैसले लिए जा चुके हैं। कुछ और जल्द ही लिए जाएंगे। बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि संगठन को राज्य मुख्यालय से बूथ तक जल्द से जल्द मजबूती से खड़ा करना आपकी जिम्मेदारी है। आपको बूथ तक इस काम के लिए खुद जाना होगा, मेहनत करनी होगी और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करनी होगी। हमारे फ्रंटर सेल को शामिल करना होगा।
उन्होंने कहा कि INTUC के बारे में मैं कहना चाहता हूं कि वो हमारा अहम हिस्सा है, उन्हें भी संगठन निर्माण के काम में शामिल करिए। अगर आप खुद ग्रासरूट लेवल पर बूथ, मंडल, ब्लाक पर जाएंगे। जिला और राज्य स्तर पर जाएंगे तो वहां नए लोगों को जोड़ पाएंगे। भरोसेमंद और विचारों से मजबूत लोगों को अपने साथ ला पाएंगे। ऐसे लोग जो पार्टी के लिए बहुत कारगर हो सकते हैं, पर उन्हें मौक़ा नहीं मिला, उन्हें आप आगे ला सकते हैं।
पार्टी नेताओं को खरगे की नसीहत
खरगे ने कहा कि हमें कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध लोगों को आगे बढ़ाना चाहिए, जो विपरीत महौल में भी चट्टान की तरह हमारे साथ खड़े रहें। कई बार पार्टी की मजबूती के लिए जल्दबाजी में कई लोगों को शामिल किया जाता है, पर विचारधारा में कमजोर लोग मुश्किल में भाग खड़े होते हैं। 'असल फिसल पड़े और नकल चल पड़े' ये पुरानी कहावत है, ऐसे लोगों से हमें दूर रहना है।
उन्होंने कहा कि मैं यहां एक सबसे जरूरी बात जवाबदेही के बारे में भी आप सभी से कहना चाहूंगा। आप सभी अपने प्रभार वाले राज्यों के संगठन और भविष्य के चुनाव परिणामों के लिए उत्तरदायी होंगे। उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि हमारा 'संविधान बचाओ अभियान' चल रहा है। जय बापू, जय भीम, जय संविधान कार्यक्रम बेलगांव में हमने तय किया था। ये अगले एक वर्ष तक चलेगा। इसके तहत पदयात्रा, संवाद जैसी गतिविधियां चलाR जा सकती हैं, लेकिन ऐसे हर प्रोग्राम का लक्ष्य संगठन का सशक्तिकरण होना चाहिए।
मतदाता सूची में छेड़छाड़ का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि इस बीच हमारे सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। आप जानते हैं कि इन दिनों चुनाव में मतदाता सूची के साथ छेड़छाड़ का काम बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसके बारे में लोकसभा में राहुल गांधी जी ने भी सवाल उठाया। आप सभी को महसूस होगा कि आज कल हमारे समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए जाते हैं। या नाम हटाकर बगल के बूथ से जोड़ दिया जाता है। भाजपा की तरफ़ से नए नाम चुनाव के ठीक पहले जोड़े जाते हैं। इस धांधली को हर हाल में रोकना होगा।
खरगे के वक्तव्य की बड़ी बातें:
खरगे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश को भी जोड़ा गया था। मोदी जी ने उन्हें भी बाहर कर दिया। सरकार को देश के मुख्य न्यायाधीश की निष्पक्षता पर भी भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई होने वाली थी, सरकार ने इसके पहले नए सीईसी की घोषणा कर दी। राहुल जी ने कहा भी कि ऐसे चयन समिति का क्या फायदा, जहां आप नेता प्रतिपक्ष का इस्तेमाल सिर्फ़ प्रमाणीकरण के लिए कर रहे हैं?
- महंगाई और बेरोज़गारी स्थायी मसला बना हुआ है। मोदी सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही है।
- मोदीजी की यात्रा के बावजूद अमेरिका पहले की ही तरह भारतीय नागरिकों को हथकड़ी लगा कर वापिस भेज रहा है। शाकाहारी यात्रियों को मासांहारी खाना दिया गया। हमारी सरकार इस अपमान का ठीक तरीके से विरोध जताने में भी विफल रही।
- आर्थिक मामलों में भी अमेरिका हम पर गहरी चोट कर रहा है। हम पर उलटा टैरिफ लगा दिया, पर प्रधानमंत्री ने इसका विरोध तक नहीं किया।
- वे हम पर जबरदस्ती घाटे का सौदा थोप रहे हैं, जिसे हमारी सरकार चुपचाप मान ले रही है। ये साफ़-साफ़ हिंदुस्तान और हिंदुस्तान के लोगों का अपमान है।
- अंत में मैं दिल्ली के हमारे प्रत्याशियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को कहना चाहता हूं कि आपने मेहनत से चुनाव लड़ा। संसाधन की कमी थी, फिर भी मजबूती से चुनाव लड़ने का प्रयास किया। दिल्ली की जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट दिया।
- अगला 5 साल हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष और जन आंदोलन करके मुख्य विपक्ष की भूमिका में उभरने का प्रयास करें। इससे ही हम लोगों की पहली पसंद बनेंगे। मैं अपनी बात यहां ख़त्म करता हूं। अब मैं चाहूंगा कि आगे की कार्रवाई चले।
