देश

दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गिरावट पर श्वेत पत्र जारी हो, संसदीय समिति ले संज्ञान: अजय माकन

Delhi Air Quality: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने दिल्ली में दिसंबर महीने और सर्दियों में वायु गुणवत्ता में गिरावट को लेकर शनिवार को श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

Image

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन (फाइल फोटो)

Photo : ANI

Delhi Air Quality: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने दिल्ली में दिसंबर महीने और सर्दियों में वायु गुणवत्ता में गिरावट को लेकर शनिवार को श्वेत पत्र जारी करने की मांग की और संसद की पर्यावरण संबंधी स्थायी समिति से आग्रह किया कि वह इस विषय का संज्ञान ले। माकन के इस आग्रह पर राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि बतौर संसदीय समिति सदस्य वह इस विषय पर जल्द से जल्द विचार किए जाने का अनुरोध करेंगे।

अजय माकन ने क्या कुछ कहा?

माकन ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "आदरणीय जयराम रमेश जी, पर्यावरण संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष के तौर पर, यह जानकारी आपके ध्यानार्थ है। सरकार का कहना है कि 2025 में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ। हमने मौसम के असर को हटाकर, यानी 5 साल के हर घंटे का डेटा और 35,000 'डिसीजन ट्री' (विश्लेषण मॉडल) का इस्तेमाल करके पूरा हिसाब-किताब निकाला है।"

माकन ने भूलवश रमेश को समिति के अध्यक्ष के तौर पर संबोधित किया। हालांकि, वह अब इस समिति के सदस्य हैं। भाजपा की राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी समिति की अध्यक्ष हैं। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष माकन ने दावा किया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर पिछले दिसंबर के मुकाबले 56 अंक ज़्यादा खराब रहा।

माकन ने कहा, " सरकार का कहना है कि हवा का न चलना (स्टिल विंड्स) कारण है। अगर मौसम के असर को हटा भी दें, तो हवा का न चलना सिर्फ़ आधे असर की वजह है, बाकी के लगभग 24 अंक वास्तविक हैं, और इनकी ज़िम्मेदारी सरकार की है, न कि मौसम की।"

श्वेत पत्र हो जारी

उन्होंने कहा, "हमारी तीन मांगें हैं। हर तिमाही में मौसम के असर का समायोजन करके बनाया गया सीज़नल स्कोरकार्ड जारी जो, चीन की तरह पराली जलाने के मौसम के लिए हर साल के लिए कड़े और अनिवार्य लक्ष्य तय हों और दिसंबर के 24 असल अंकों और सर्दियों में 29 अंकों की गिरावट पर एक श्वेत पत्र जारी हो।"

उन्होंने कहा कि सांस लेना एक बुनियादी अधिकार है, कोई सुविधा नहीं है। उनके पोस्ट को साझा करते हुए रमेश ने कहा कि वह पर्यावरण संबंधी संसदीय समिति के अब अध्यक्ष नहीं, बल्कि सदस्य हैं और इस हैसियत से ही वह आग्रह करेंगे कि समिति इस विषय का जल्द से जल्द संज्ञान ले।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article