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'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरा देश एकजुट है...', खड़गे-राहुल ने की गांदरबल आतंकी हमले की निंदा

Ganderbal Terror Attack:बता दें कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में आतंकियों ने गोलियों से एक डॉक्टर समेत 7 लोगों की हत्या कर दी। इस आतंकी हमले में 5 मजदूर भी जख्मी हुए हैं। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं गांदरबल में आतंकी हमला की जांच अब एनआई करेगी।

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राहुल गांधी।

Photo : PTI

Ganderbal Terror Attack: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। कांग्रेस ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। उन्होंने कहा, टारगेट किलिंग जम्मू और कश्मीर में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण में बाधा नहीं डालेगी।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हुए कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें कई निर्माण मजदूर और एक डॉक्टर मारे गए हैं। लक्षित हिंसा का यह अमानवीय और घृणित कृत्य भारत को जम्मू और कश्मीर में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण में बाधा नहीं डालेगा। उन्होंने आगे कहा, एक राष्ट्र के रूप में, हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक साथ हैं, हम पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

राहुल गांधी ने भी की हमले की निंदा

वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट पर लिखा, जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में आतंकी हमले में एक डॉक्टर और प्रवासी मज़दूरों समेत कई लोगों की हत्या बहुत ही कायरतापूर्ण और अक्षम्य अपराध है। सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं। आतंकियों का यह दुस्साहस जम्मू-कश्मीर में निर्माण का क्रम और लोगों का विश्वास कभी नहीं तोड़ पाएगा। आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी गांदरबल में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, '' गांदरबल, जम्मू-कश्मीर में कायराना आतंकी हमले में 5 मजदूरों समेत छह नागरिकों की हत्या अत्यंत निंदनीय है। निर्दोष नागरिकों की हत्या करके आम जनता के बीच हिंसा व दहशत फैलाने जैसे कृत्य मानवता के विरुद्ध अपराध हैं। इसके खिलाफ पूरा देश एकजुट है। शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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