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'जब अमित शाह जवाब देंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा', गृह मंत्री की गैरमौजूदगी को लेकर विपक्ष के हंगामे पर बोले किरेन रिजिजू

संसद सत्र के दौरान गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संसद परिसर में तख्तियां दिखाकर सवाल उठाया कि गृह मंत्री लोकसभा से क्यों गायब हैं और वे छात्रों पर हुए पैलेट गन व आंसू गैस के इस्तेमाल पर जवाब देने से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से इस संबंध में हस्तक्षेप की मांग की।

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'अमित शाह जवाब देंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा', संसद में घिरे गृह मंत्री के बचाव में उतरे किरेन रिजिजू। bjp x handle

संसद के चल रहे सत्र के बीच विपक्ष ने गृह मंत्री की सदन में गैर-मौजूदगी को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने तख्तियां प्रदर्शित करते हुए गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर गंभीर सवाल उठाए और मांग की कि वे संसद में आकर छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की जिम्मेदारी तय करें। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी पर कहा कि जब गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा।

मीडिया से बातचीत करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, "हमने लोकसभा में एमएसएमई (MSME) विधेयक पारित कर दिया है। कार्यवाही चल रही है। मैंने कल भी आपको बताया था कि चर्चाएं इसलिए कम हुई हैं क्योंकि कांग्रेस पार्टी और विपक्ष ने व्यवधान पैदा किया और नारेबाजी की। इस वजह से चर्चाएं सीमित हो गई हैं। लेकिन सदन का कामकाज जारी रहा है, विधेयक पारित किए गए हैं और राज्यसभा में एनडीए के सभी सदस्यों ने बहसों में भाग लिया है और अपने विचार व्यक्त किए हैं। इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि सदन नहीं चल रहा है। सदन चल रहा है और विधेयक पारित हो रहे हैं। चर्चाएं कम होने की एकमात्र वजह विपक्ष द्वारा डाला गया व्यवधान है। यह पहली स्पष्टीकरण है। सत्र के विस्तार के संबंध में जिसकी मांग कांग्रेस पार्टी या किसी अन्य द्वारा की गई थी, विशेष सत्र के लिए ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

उन्होंने आगे कहा," मानसून सत्र पहले से ही चल रहा है, तो हम उसी अवधि के दौरान किसी अन्य विशेष सत्र पर चर्चा कैसे कर सकते हैं? केंद्रीय गृह मंत्री सुबह से लेकर देर रात तक संसद में मौजूद रहते हैं। इसलिए, यह मांग और यह सारा ड्रामा जारी नहीं रहना चाहिए। जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे, तो आपको चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा। अगर आप सुन नहीं सकते और वॉकआउट कर जाते हैं, तो आपने इतने दिनों तक जो व्यवधान पैदा किया है, उसके लिए आपको माफी मांगनी होगी।"

किरेन रिजिजू ने आगे कहा," मैं फिर से अपील करता हूं: कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों से कुछ नए सांसद भी चुने गए हैं। इन नए सांसदों को बोलने का अवसर नहीं मिलता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व्यवधान पैदा करते हैं, जबकि उनके अपने नए सांसद हिस्सा नहीं ले पाते हैं। आप ही बताइए, इसके कारण आखिरकार नुकसान किसका हो रहा है?"

'संसद से क्यों भाग रहे हैं गृह मंत्री?'

बता दें कि संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा, "यह तख्ती बेहद साफ संदेश दे रही है। हमारे गृह मंत्री अनुपस्थित हैं। वे लोकसभा और पूरी संसद से गायब हैं। आखिर गृह मंत्री संसद में आने से क्यों भाग रहे हैं?" उन्होंने आगे कहा कि देश और देश के छात्र जवाब मांग रहे हैं। गृह मंत्री को सदन में खुद आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ पैलेट गन चलाने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के आदेश किसने दिए थे।

स्पीकर से निर्देश देने की मांग

कांग्रेस सांसद ने बताया कि विपक्ष ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से भी गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, "हमने लोकसभा स्पीकर से अनुरोध किया है कि वे संसदीय कार्य मंत्री को इस मामले में आवश्यक निर्देश दें। जब सत्र के केवल चार दिन बाकी रह गए हैं, तो हमें समझ नहीं आ रहा कि गृह मंत्री संसद आने से क्यों बच रहे हैं। बता दें कि गुरुवार को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि वे विपक्ष की भावनाओं से गृह मंत्री को अवगत कराएं।

सभापति ने रिजिजू से क्या कहा?

खरगे की इस जोरदार मांग के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की ओर रुख किया। उन्होंने कहा, "अब मैं आपसे उनके (खरगे के) अनुरोध पर विचार करने का आग्रह करता हूं। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में, आप विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुंचा सकते हैं।" हालांकि, सभापति ने यह भी स्पष्ट किया कि बयान देना या न देना अंततः अमित शाह का ही फैसला होगा। संसदीय कार्यवाही में इसे आसन की तरफ से मंत्री को दिए गए एक बड़े संकेत के रूप में देखा जाता है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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