संसद के चल रहे सत्र के बीच विपक्ष ने गृह मंत्री की सदन में गैर-मौजूदगी को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने तख्तियां प्रदर्शित करते हुए गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर गंभीर सवाल उठाए और मांग की कि वे संसद में आकर छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की जिम्मेदारी तय करें। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी पर कहा कि जब गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा।
'संसद से क्यों भाग रहे हैं गृह मंत्री?'
बता दें कि संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा, "यह तख्ती बेहद साफ संदेश दे रही है। हमारे गृह मंत्री अनुपस्थित हैं। वे लोकसभा और पूरी संसद से गायब हैं। आखिर गृह मंत्री संसद में आने से क्यों भाग रहे हैं?" उन्होंने आगे कहा कि देश और देश के छात्र जवाब मांग रहे हैं। गृह मंत्री को सदन में खुद आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ पैलेट गन चलाने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के आदेश किसने दिए थे।
स्पीकर से निर्देश देने की मांग
कांग्रेस सांसद ने बताया कि विपक्ष ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से भी गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, "हमने लोकसभा स्पीकर से अनुरोध किया है कि वे संसदीय कार्य मंत्री को इस मामले में आवश्यक निर्देश दें। जब सत्र के केवल चार दिन बाकी रह गए हैं, तो हमें समझ नहीं आ रहा कि गृह मंत्री संसद आने से क्यों बच रहे हैं। बता दें कि गुरुवार को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि वे विपक्ष की भावनाओं से गृह मंत्री को अवगत कराएं।
सभापति ने रिजिजू से क्या कहा?
खरगे की इस जोरदार मांग के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की ओर रुख किया। उन्होंने कहा, "अब मैं आपसे उनके (खरगे के) अनुरोध पर विचार करने का आग्रह करता हूं। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में, आप विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुंचा सकते हैं।" हालांकि, सभापति ने यह भी स्पष्ट किया कि बयान देना या न देना अंततः अमित शाह का ही फैसला होगा। संसदीय कार्यवाही में इसे आसन की तरफ से मंत्री को दिए गए एक बड़े संकेत के रूप में देखा जाता है।
