Kal Ka Mausam 22 September 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वेदर सिस्टम की बात करें तो 21 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे IST तक पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Marked Low Pressure Area) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर पहुंच गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन में और इसके बाद अगले 24 घंटों में डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।
इसके बाद भी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के पास पहुंच सकता है। इसके अलावा, उत्तर बंगाल की खाड़ी से निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के केंद्र तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ बनी हुई है। इसी चक्रवाती परिसंचरण के केंद्र से उत्तर अंडमान सागर तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। मध्य तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में निचले से मध्य क्षोभमंडलीय स्तर के बीच ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक एक ट्रफ फैली हुई है। पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर निचले से मध्य क्षोभमंडलीय स्तर के बीच ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान साफ रहने की संभावना जताई गई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अधिकांश इलाकों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दोपहर में हवा की रफ्तार बढ़कर उत्तर-पूर्व दिशा से 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। शाम और रात के दौरान हवाओं की गति घटकर उत्तर-पूर्व दिशा से करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है।
यूपी में अगले पांच दिनों का मौसम
उत्तर प्रदेश में 22 सितंबर से अगले पांच दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23-24 सितंबर और फिर 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 25-26 सितंबर को पूर्वी यूपी में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बारिश के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर के दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां हो सकती हैं। इस दौरान तेज हवाएं भी चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। पश्चिमी यूपी में 25 से 27 सितंबर के बीच भी गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। भारी बारिश की बात करें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-27 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
बिहार में ऐसा रहेगा मौसम
बाढ़ से बेहाल बिहार में 22 और 23 सितंबर को मौसम के सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि 23 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान मौसम में बदलाव के साथ बादल छाए रहने और गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। 23 सितंबर को बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, 23 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार कुछ स्थानों पर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। इसके बाद 24-25 सितंबर को बिहार में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बन सकता है। वहीं, 26-27 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
पूर्वोत्तर राज्यों में 22 से 27 सितंबर बढ़ेगा बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में 22 से 27 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, असम और मेघालय में 22 सितंबर तथा 26-27 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में बारिश होने की संभावना है। 23 से 25 सितंबर के दौरान असम और मेघालय में कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22-23 सितंबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने असम और मेघालय में 22-23 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई है। ऐसे में इस दौरान पूर्वोत्तर के कई इलाकों में मौसम खराब रहने और बारिश की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं।
केरलम के छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
केरल में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पत्तनमथिट्ठा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम और त्रिशूर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हो सकती है। वहीं, कोल्लम, पलक्कड़ और कन्नूर के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश होने का अनुमान है। बारिश की स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को मौसम और जलभराव जैसी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इडुक्की और कोट्टायम में प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियां भेजी गई हैं। जिलाधिकारियों को स्थानीय हालात की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। लगातार बारिश के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग भूस्खलन की घटनाओं में चार लोगों की मौत की सूचना है। वहीं, मलप्पुरम जिले के नीलांबुर क्षेत्र में भारी बारिश के बाद कोट्टापुझा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे छह लोगों के बह जाने की जानकारी सामने आई है।
तेज हवाओं की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय इलाकों में 22 से 24 सितंबर के बीच तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बनने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर की शाम से मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के साथ इसकी गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। इसके बाद 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में हवाएं और तेज हो सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 22 सितंबर को बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
23 सितंबर को इन हवाओं की रफ्तार बढ़कर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास 22 सितंबर की सुबह से तेज हवाओं का दौर शुरू होने की संभावना है। यहां हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक हवाएं और तेज होकर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं और झोंकों के दौरान गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद हवाओं की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है। वहीं, 23 से 24 सितंबर के दौरान पश्चिम बंगाल और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि झोंकों के दौरान इनकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
