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पशुपति पारस का NDA से मोहभंग, सोशल मीडिया से हटाया 'मोदी का परिवार' टैग, तो बिफरे चिराग पासवान

Bihar Politics: चिराग पासवान ने चाचा पशुपति पारस पर हमला बोलते हुए कहा, उन्होंने चुनाव के दौरान दूसरे गठबंधन में शामिल होने का बहुत प्रयास किया, लेकिन जब वहां बात नहीं बनी तो खुद को फिर से एनडीए का हिस्सा करने लगे। उनके व्यवहार से एनडीए के कई साथियों को तकलीफ हुई।

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चिराग पासवान।

Photo : PTI

Bihar Politics: पूर्व केंद्रीय मंत्री पुशपति पारस के एनडीए से मोहभंग की खबरों से सियासत गरमा गई है। पशुपति पारस ने जब से अपने सोशल मीडिया अकाउंट से 'मोदी का परिवार' टैग हटाया है, तब से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच उनके भतीजे व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इसको लेकर उन पर हमला बोला है। चिराग पासवान ने कहा कि पशुपति पारस कभी भी एनडीए में थे ही नहीं। उन्होंने कहा, यदि वह एनडीए का हिस्सा होते तो साथ में चुनाव लड़ने और प्रचार-प्रसार करते।

चिराग पासवान ने कहा, लोकसभा में उन्होंने क्या किया, यह जनता ने देखा। उन्होंने सीटों के बंटवारे से पहले ही केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर कई तरह के आरोप लगाए। उन्होंने का सीटों की औपचारिक घोषणा से पहले ही उन्होंने खुद को एनडीए से अलग कर लिया था।

उन्होंने गठबंधन के खिलाफ काम किया

चिराग पासवान ने चाचा पशुपति पारस पर हमला बोलते हुए कहा, उन्होंने चुनाव के दौरान दूसरे गठबंधन में शामिल होने का बहुत प्रयास किया, लेकिन जब वहां बात नहीं बनी तो खुद को फिर से एनडीए का हिस्सा करने लगे। उन्होंने कहा, उनके व्यवहार से एनडीए के कई साथियों को तकलीफ है, उन्होंने गइबंधन के खिलाफ काम किया।

बेटे यश राज को सौंप सकते हैं राजनीतिक विरासत

इस बीच खबर है कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ने बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी प्रदेश की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। इसी बीच पशुपति पारस की राजनीतिक विरासत उनके पुत्र यश राज को सौंपने के लिए भी मंथन शुरू हो गया है। माना जा रहा है यश अलौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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