चीन का एक जासूसी जहाज (China Spy Ship) ऐसे समय में हिंद महासागर (Indian Ocean) में है, जब भारत ने बैलेस्टिक मिसाइल टेस्ट (Missile Test) के लिए एक नोटिस जारी कर रखा है। चीन का यह जासूसी जहाज मिसाइलों को भी ट्रैक करने में सक्षम है। शायद यही कारण है कि चीन भारत पर नजर रखने के लिए इन जासूसी जहाजों को कभी श्रीलंका तो कभी हिंद महासागर में उतारे हुए हैं। चीन के इस कदम से भारत मिसाइल टेस्टिंग को टाल सकता है।
तब श्रीलंका अब हिंद महासागर
भारतीय नौसेना इसपर लगातार नजर रखी हुई है। इससे तीन महीने पहले इसी तरह का एक जहाज श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह में डॉक किया था। रक्षा सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना कई दिनों से चीनी जासूसी जहाज युआन वांग VI की आवाजाही पर "सक्रिय रूप से नज़र रख रही है"। चीनी नौसेना का यह जासूसी जहाज मिसाइल परीक्षणों और उपग्रहों की आवाजाही की निगरानी करने के लिए डिजाइन किया गया है।
अभी कहां है जहाज
युआन वांग VI पहले ही हिंद महासागर को पार कर चुका है और बाली के तट पर है। यह बाली के तट पर ऐसे समय में पहुंचा है, जब भारत एक बैलेस्टिक मिसाइल का टेस्ट करने वाला है। बाली से भी यह जहाज भारत के मिसाइल को ट्रैक कर सकता है।
क्या है भारत की तैयारी
भारत ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर नो फ्लाई जोन के लिए एक नोटिस जारी कर रखा है, जिसका मतलब है कि भारत किसी बैलेस्टिक मिसाइल का टेस्ट करने वाला है। भारत अगले हफ्ते उड़ीसा के तट पर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल का टेस्ट कर सकता है। यह मिसाइल 2000 किमी से ज्यादा की दूरी कवर कर सकता है। मतलब चीन के कई बड़े शहर इस मिसाइल की रेंज में रहेंगे। शायद यही कारण है कि भारत से डरा हुआ चीन, मिसाइल की जानकारी लेने के लिए अपने जासूसी जहाज को तैनात कर दिया है।
मिसाइल टेस्ट को रोक सकता है भारत
चीन के जासूसी जहाज के भारत पर नजर रखने के कारण भारत अब अपने बैलेस्टिक मिसाइल के टेस्ट को रोक सकता है, ताकि दुश्मन देश को मिसाइल के बारे में ज्यादा जानकारी हाथ न लगे। चीन का यह जासूसी जहाज जब भारत की रेंज से दूर चला जाएगा, तब भारत मिसाइल टेस्ट के अंजाम दे सकता है।
