देश

NEET अभ्यर्थियों के खर्च का पूरा बोझ उठाए सरकार, री-एग्जाम की तारीख आने के बाद चंद्रशेखर आजाद की बड़ी मांग

NEET-UG 2026 री-एग्जाम की तारीख 21 जून घोषित होने के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से दोबारा परीक्षा दे रहे छात्रों के आने-जाने और रहने का पूरा खर्च केंद्र और राज्य सरकारें खुद उठाएं।

Image

चंद्रशेखर आजाद ने सरकारों को घेरा

Photo : PTI

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के NEET 2026 की पुनर्परीक्षा (Re-Exam) की तारीख का ऐलान किए जाने के बाद अब इस पर सियासत और छात्रों के अधिकारों की मांग तेज हो गई है। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों को घेरा है। उन्होंने मांग की है कि पेपर लीक के कारण दोबारा परीक्षा देने जा रहे छात्रों के आने-जाने और ठहरने का पूरा खर्च सरकार खुद वहन करे।

21 जून को होगी दोबारा परीक्षा

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई मूल नीट परीक्षा को पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद रद्द करना पड़ा था। इसके बाद एनटीए (NTA) ने अब आगामी 21 जून 2026 (रविवार) को पुनर्परीक्षा कराने का फैसला लिया है। परीक्षा की नई तारीख आने के बाद छात्रों पर अचानक पड़े मानसिक और आर्थिक दबाव को देखते हुए चंद्रशेखर आजाद ने सरकारों से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है।

'X' पर पोस्ट कर चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा?

चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखते हुए लिखा:

"राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा की तिथि 21 जून 2026 (रविवार) निर्धारित की गई है। यह निर्णय 3 मई को आयोजित परीक्षा में पेपर लीक के बाद लिया गया, जिसके चलते मूल परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इस स्थिति में अभ्यर्थियों पर आर्थिक और मानसिक दबाव को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है कि केंद्र एवं राज्य सरकारें पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करते हुए सभी प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए आने-जाने, आवास एवं अन्य आवश्यक खर्चों का पूर्ण वहन स्वयं करें। इससे गरीब एवं दूर-दराज के छात्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें समान अवसर सुनिश्चित हो सकेंगे। सरकारों से यह आशा है कि वह इस मामले को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया न मानकर सामाजिक न्याय और शैक्षिक समानता के दृष्टिकोण से देखे तथा तथा तत्काल आवश्यक वित्तीय सहायता सुनिश्चित करे।"

सामाजिक न्याय और शैक्षिक समानता का उठाया मुद्दा

सांसद ने इस बात पर खास जोर दिया है कि परीक्षा केंद्रों तक दोबारा पहुंचने का खर्च उठाना हर छात्र के बस की बात नहीं है। सरकार के इस कदम से गरीब और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें परीक्षा में शामिल होने के समान अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने सरकारों को नसीहत देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को केवल एक 'प्रशासनिक प्रक्रिया' न माना जाए। इसे सामाजिक न्याय और शैक्षिक समानता के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए और प्रभावित छात्रों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

'यूनिफॉर्म के पीछे भी एक इंसान है, जिसका अपना परिवार...', CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने लिखा इमोशनल ओपन लेटर

'यूनिफॉर्म के पीछे भी एक इंसान है, जिसका अपना परिवार...', CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने लिखा इमोशनल ओपन लेटर

पंजाब के CM भगवंत मान से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच का मामला, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू सुनवाई से हुए अलग

पंजाब के CM भगवंत मान से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच का मामला, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू सुनवाई से हुए अलग

केरल हाईकोर्ट का पूर्व CM पिनराई विजयन को बड़ा झटका: CMRL मामले में FIR दर्ज करने के आदेश, राज्य सरकार की SIT रद्द

केरल हाईकोर्ट का पूर्व CM पिनराई विजयन को बड़ा झटका: CMRL मामले में FIR दर्ज करने के आदेश, राज्य सरकार की SIT रद्द

आप इसलिए पूरा शहर बंद नहीं कर सकते क्योंकि आप प्रदर्शन संभाल नहीं सकते- ट्रेनें रद्द होने और मेट्रो बंद होने का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

आप इसलिए पूरा शहर बंद नहीं कर सकते क्योंकि आप प्रदर्शन संभाल नहीं सकते- ट्रेनें रद्द होने और मेट्रो बंद होने का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

CJP Protest: 'मेट्रो शट डाउन, रेलवे शट डाउन, इंटरनेट शट डाउन...', प्रदर्शन से पहले की पाबंदियों पर अभिजीत दीपके ने कसा तंज

CJP Protest: 'मेट्रो शट डाउन, रेलवे शट डाउन, इंटरनेट शट डाउन...', प्रदर्शन से पहले की पाबंदियों पर अभिजीत दीपके ने कसा तंज