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राजीव गांधी फाउंडेशन का लाइसेंस रद्द,केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई,गांधी परिवार को एक और झटका

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 23, 2022, 10:37 AM IST

Rajiv Gandhi Foundation FCRA License Cancel:राजीव गांघी फाउंडेशन एक गैर सरकारी संगठन है। जिसकी स्थापना 21 जून 1991 को की गई थी। इस समय सोनिया गांधी राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं। जबकि इसमें अन्य ट्रस्टी डॉ मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पी चिदंबरम आदि प्रमुख कांग्रेस नेता हैं।

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सोनिया गांधी है राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष

KEY HIGHLIGHTS
  • फाउंडेशन पर लगे आरोपों को देखते हुए जुलाई 2020 में एक अंतर मात्रालीय कमेटी का गठन किया गया था।
  • कमेटी की जांच के आधार पर अब गृह मंत्रालय ने कार्रवाई की है।
  • राजीव गांधी फाउंडेशन को मिलने वाले विदेशी चंदे में गड़बड़ी का आरोप लगा है।

Rajiv Gandhi Foundation FCRA License Cancel: केंद्र सरकार ने राजीव गांधी फाउंडेशन का FCRA (विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम) लाइसेंस रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से यह कार्रवाई की गई है। राजीव गांधी फाउंडेशन पर विदेशी फंडिंग में गड़बड़ी का आरोप लगा है। इसके पहले साल 2020 में फाउंडेशन को मिलने वाली विदेशी फंडिंग की जांच के लिए एक अंतरमंत्रालीय कमेटी बनाई गई थी। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

गांधी परिवार को बड़ा झटका

गृह मंत्रालय का यह फैसला, गांधी परिवार पर सीधा असर डालेगा। असल में राजीव गांघी फाउंडेशन एक गैर सरकारी संगठन है। जिसकी स्थापना 21 जून 1991 को की गई थी। इस समय सोनिया गांधी राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं। जबकि इसमें अन्य ट्रस्टी डॉ मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पी चिदंबरम जैसे प्रमुख कांग्रेसी नेता हैं।

गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपों को देखते हुए जुलाई 2020 में एक अंतर मात्रालीय कमेटी का गठन किया गया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर फाउंडेशन के लाइसेंस को रद्द करने का फैसला किया गया है। भाजपा इस फाउंडेशन पर लगातार विदेशी चंदे में धांधली को लेकर आरोप लगाती रही है।

क्या करता है फाउंडेशन

राजीव गांधी फाउंडेशन की वेबसाइट के अनुसार, फाउंडेशन स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिलाओं और बच्चों, विकलांगता सहायता आदि सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है। गृह मंत्रालय के लाइसेंस रद्द करने के फैसले के बाद एक बाद तो तय है कि अब यह एक राजनीतिक मुद्दा बनेगा और कांग्रेस और भाजपा इसमें आमने-सामने होंगे।

भाजपा जहां लाइसेंस रद्द होने के बाद गांधी परिवार को विदेशी चंदे के नाम पर घेरेगी, वहीं कांग्रेस सरकारी मशीनरी के दुरूपयोग का आरोप लगाएगी। गुजरात और हिमाचल चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा और गरमा सकता है।

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