देश

CBI ने छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती घोटाले दर्ज की FIR, पूर्व अध्यक्ष भी आए जांच के घेरे में; जानें क्या है 'भाई-भतीजावाद' रैकेट?

CBI: सीबीआई ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित भाई-भतीजावाद घोटाले की जांच शुरू की है। सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी पर नेताओं के परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरियों में आगे बढ़ाने का आरोप है।

Image

छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती घोटाले में CBI ने दर्ज की FIR

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती घोटाले में प्राथमिकी की दर्ज
  • सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी भी आए जांच के घेरे में
  • प्रदेश के कई राजनेताओं के परिवार के सदस्यों को पहुंचाया गया लाभ

Chhattisgarh Public Service Commission: सीबीआई ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष और अन्य के खिलाफ कथित भाई-भतीजावाद रैकेट के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें कांग्रेस शासन के दौरान राजनेताओं, पीएससी अधिकारियों और लोक सेवकों के अयोग्य परिवार के सदस्यों को आकर्षक सरकारी नौकरियों में भर्ती किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और एक परीक्षा नियंत्रक पर अपने बेटे, बेटियों, रिश्तेदारों और परिचितों को डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी एसपी और ऐसे अन्य पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए मेरिट सूची में उच्च अंक दिलाने में मदद करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी ने सोमवार को सोनावानी, ध्रुव और अन्य के रायपुर और भिलाई स्थित आवासीय परिसरों की तलाशी ली। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ सरकार के 16 फरवरी के संदर्भ पर जांच अपने हाथ में ले ली।

CBI ने दोबार FIR दर्ज कर शुरू की जांच

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि प्रक्रिया के अनुसार एजेंसी ने एफआईआर को दोबारा दर्ज किया है, जिसकी जांच पहले राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने की थी। नवंबर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा छत्तीसगढ़ से कांग्रेस को बाहर कर देगी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों और प्रमुख राजनेताओं, जिनमें सत्तारूढ़ पार्टी के लोग भी शामिल हैं, के परिवार के सदस्य भर्ती के मुख्य लाभार्थी थे।

इसमें आरोप लगाया गया है कि सोनवानी के परिवार के पांच सदस्य - जिनमें बेटा नितेश और बहू निशा कोसले डिप्टी कलेक्टर, बड़े भाई का बेटा साहिल डिप्टी एसपी, बहू दीपा आदिल जिला आबकारी अधिकारी और बहन की बेटी सुनीता जोशी श्रम अधिकारी के पद पर नियुक्त हुए। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि यह भी आरोप लगाया गया है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के तत्कालीन सचिव (ध्रुव) ने अपने बेटे (सुमित) को डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित कराया। शिकायत, जो अब सीबीआई की प्राथमिकी का हिस्सा है, में आरोप लगाया गया है कि मेरिट सूची में क्रमांक 1-171 तक स्थान पाने वाले अभ्यर्थी कथित रूप से सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों से संबंधित हैं।

इसमें डिप्टी कलेक्टरों के नाम शामिल हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार सिंह के बेटे निखिल और बेटी नेहा, बस्तर नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी पीएल ध्रुव की बेटी साक्षी, एक कांग्रेस नेता की बेटी अनन्या अग्रवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुधीर कटियार की बेटी भूमिका कटियार और दामाद शशांक गोयल, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला की बेटी स्वर्णिम शुक्ला और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र कुमार कौशिक के बेटे शामिल हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेताओं के सहयोगियों के रिश्तेदार, जिनमें प्रज्ञा नायक, जो डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित हुईं, प्रखर नायक, जो वित्तीय सेवा अधिकारी के रूप में चयनित हुए, तथा खुशबू बिजौरा, जो डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित हुईं, भी कथित घोटाले के लाभार्थी थे।

राजनेताओं के रिश्तेदारों को पहले उपलब्ध कराये गए पेपर

इसमें आरोप लगाया गया है कि यदि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के किसी अधिकारी का रिश्तेदार परीक्षा में शामिल होता है, तो संबंधित व्यक्ति को आयोग के अन्य सदस्यों और अधिकारियों को सूचित करने के बाद खुद को प्रक्रिया से अलग करना होता है, जो सोनवानी ने नहीं किया। आरोप है कि सोनवानी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने परिवार के सदस्यों और अन्य अधिकारियों व प्रभावशाली व्यक्तियों के रिश्तेदारों का चयन किया, जिसे भ्रष्टाचार माना जाता है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले अभ्यर्थी पीएससी अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं के रिश्तेदार हैं। इससे पता चलता है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा का पेपर पहले ही उपलब्ध करा दिया गया था, जिससे उन्हें अच्छे अंक मिले और नतीजों में अच्छी रैंक मिली।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article