भारत और रूस की संयुक्त परियोजना ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जैतीर्थ जोशी ने गुरुवार को कहा कि रूस अपनी सेना में ब्रह्मोस मिसाइल को शामिल करने का इच्छुक है और इस संबंध में दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत से रूस को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति की जा सकती है।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ ने किया दावा
नागपुर में सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित 100वें स्वदेशी बूस्टर के फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम के बाद जोशी ने ये दावा किया। उन्होंने कहा कि रूस के पास पहले से ब्रह्मोस उत्पादन की सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए उसकी जरूरतें बढ़ी हैं। ऐसे में भारत और रूस मिलकर उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि रूस ने हमें बताया है कि वह ब्रह्मोस लेना चाहता है। उनके पास अपनी उत्पादन क्षमता है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। जरूरत के मुताबिक हम मिलकर काम करेंगे और भारत से भी मिसाइलों की आपूर्ति की जाएगी।
ऑपरेशन सिंदूर से बढ़ा भरोसा
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोशी ने कहा कि 25 सालों के विकास, परीक्षण और तैनाती के बाद ब्रह्मोस ने दुनिया में अपनी विश्वसनीय पहचान बनाई है। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पहली बार वास्तविक युद्ध जैसी स्थिति में ब्रह्मोस का सफल उपयोग हुआ, जिसने इसकी क्षमता को साबित कर दिया।उन्होंने कहा कि आमतौर पर मिसाइलों का परीक्षण नियंत्रित परिस्थितियों में होता है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वास्तविक लक्ष्य पर इसका इस्तेमाल किया गया और यह पूरी तरह सफल रहा। इससे दुनिया में ब्रह्मोस को लेकर विश्वास और बढ़ा है।
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वियतनाम समेत कई देशों से बातचीत
ब्रह्मोस प्रमुख ने बताया कि पहले ही कई देश इसे खरीदने में अपनी रुचि दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वियतनाम के साथ ब्रह्मोस निर्यात समझौता अंतिम चरण में है और केवल कुछ औपचारिक मंजूरियां बाकी हैं। इसके अलावा पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों के कई अन्य देशों के साथ भी मिसाइल निर्यात को लेकर बातचीत चल रही है।
बता दें कि ब्रह्मोस भारत के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा निर्यात उत्पादों में से एक है। इसे डीआरडीओ (DRDO) और रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया (NPOM) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। भारत सरकार 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत रक्षा निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है और ब्रह्मोस को इस दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
