दिल्ली : दिल्ली की राउज रेवेन्यू कोर्ट ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से जांच किए जा रहे आतंकी साजिश के एक मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक को शुक्रवार को जमानत दे दी। अदालत के सूत्रों के अनुसार, विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने वैन डाइक को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर राहत दी। अदालत ने निर्देश दिया कि वह दिल्ली से बाहर नहीं जाएगा।अदालत ने वैन डाइक की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को एनआईए को नोटिस जारी किया था।
म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग देने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार 7 विदेशी नागरिकों में यूएस के मैथ्यू वैनजाइक को राउज रेवेन्यू की एनआईए कोर्ट डिफॉल्ट बेल दी है। हालांकि, कोर्ट ने एक लाख रुपये के बेलबॉन्ड और एक लाख की श्योरिटी पर जमानत दी है। हालांकि, कोर्ट ने अभी मैथ्यू को दिल्ली में ही रहने के लिए कहा है।
दरअसल, इस महीने की शुरुआत में एजेंसी ने वैन डाइक और यूक्रेन के छह नागरिकों के खिलाफ भारत में कथित अवैध प्रवेश, ठहरने और आवाजाही को लेकर आरोपपत्र दाखिल किया था, लेकिन आतंकवाद रोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधान नहीं लगाए थे।
एनआईए के आरोपपत्र में सातों आरोपियों पर आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धारा 21 (वैध पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज के बिना भारत में प्रवेश करने की सजा का प्रावधान) और धारा 23 के तहत अपराधों का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि यूएपीए के तहत अपराध किए जाने के संबंध में सही और पूरी जानकारी जुटाने तथा उसका सत्यापन करने के लिए और समय की आवश्यकता है।
एनआईए ने अदालत को बताया था कि आरोपियों के खिलाफ भारत और म्यांमा में जातीय सशस्त्र समूहों को सहायता देने और उन्हें ड्रोन प्रशिक्षण देने सहित व्यापक आतंकवादी साजिश के मामले में जांच की जा रही है।
