Rahul Gandhi INDIA Alliance Meeting: भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने 'इंडिया गठबंधन' (INDIA Alliance) को एकजुट करने की बात कही थी। भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को विपक्षी दलों को साथ लाने का ज्ञान देने से पहले अपनी खुद की बिखरती हुई पार्टी को संभालने और एकजुट करने पर ध्यान देना चाहिए।
दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सोमवार को हुई 'इंडिया गठबंधन' की बैठक का एक वीडियो साझा किया था। इस 9 मिनट से अधिक के भाषण में उन्होंने विपक्षी नेताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा था कि अगर सब मिलकर डटे रहें, तो भाजपा को हराना बेहद आसान है।
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अपनों को ही धोखा देती है कांग्रेस: शहजाद पूनावाला
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इसी दावे पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) ने एक वीडियो बयान जारी किया। पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का नेतृत्व खुद विपक्ष के कई बड़े नेताओं को मंजूर नहीं है और कांग्रेस के अपने सहयोगियों के साथ रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "राहुल गांधी कहते हैं कि सबको मिलकर काम करना चाहिए, लेकिन वे खुद पहले मौके पर सहयोगियों को धोखा देते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी के खिलाफ प्रचार किया और डीएमके (DMK) का साथ भी छोड़ दिया।" उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि आज गठबंधन में कोई भी राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है।
बिखर गया 'इंडिया' गठबंधन!
विपक्षी गठबंधन की पोल खोलते हुए पूनावाला ने कहा कि बैठक की हकीकत कुछ और ही थी। गठबंधन के सबसे बड़े सहयोगी दल 'समाजवादी पार्टी' ने कांग्रेस को पूरी तरह नजरअंदाज किया और बैठक से बाहर चले गए। दूसरी बड़ी सहयोगी 'तृणमूल कांग्रेस' (TMC) खुद अंदरूनी बगावत से बिखर चुकी है। इसके अलावा डीएमके बैठक में शामिल ही नहीं हुई और 'आम आदमी पार्टी' पहले ही कह चुकी है कि कांग्रेस सहयोगियों के साथ 'इस्तेमाल करो और फेंक दो' की राजनीति करती है।
'सपनों की दुनिया में जी रहे हैं राहुल'
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह हकीकत से दूर एक सपनों की दुनिया में जी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी चुनाव नतीजे कांग्रेस के पक्ष में नहीं आते, तो राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं।
पूनावाला ने कहा, "केरल और तमिलनाडु में जब कांग्रेस जीतती है, तब चुनाव बिल्कुल सही होते हैं। लेकिन जहां हार मिलती है, वहां ये चुनाव आयोग को दोष देने लगते हैं।" उन्होंने मध्य प्रदेश से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने कांग्रेस की याचिका खारिज करके चुनाव आयोग पर लगाए गए इनके झूठे आरोपों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
