UCC News : समान नागरिक संहिता (UCC) पर बड़ी खबर है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुनील कुमार ने प्रस्ताव दिया है। इस प्राइवेट बिल पर चर्चा हो सकती है कि यह लोकसभा के स्पीकर तय करेंगे। संसद में मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष शोर-शराबा एवं हंगामा कर रहा है। इसके बीच यूसीसी को पेश कर भाजपा सांसद ने विपक्ष से टकराव का एक और मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष यूसीसी का विरोध करता आया है।
संविधान में सभी धर्म समान-सांसद
यूसीसी पर निजी विधेयक पेश करने के पीछे भाजपा सांसद की दलील है कि संविधान में सभी को बराबर का हक दिया गया है। वह किसी जाति, धर्म और मजहब के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करता है। ऐसे में सरकार को यूसीसी लाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
यूसीसी पर बढ़ सकता है टकराव
बता दें कि कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल की रैली में UCC की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि एक देश में दो कानून नहीं होने चाहिए। पीएम के इस बयान के बाद यूसीसी पर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार मानसून सत्र के दौरान यूसीसी पर पहल कर सकती है। विधि आयोग के पास लाखों की संख्या में यूसीसी पर सुझाव प्राप्त हुए हैं।
यूसीसी पर विचार-विमर्श जरूरी-सरकार
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की ‘प्रासंगिकता और उसके महत्व’ तथा इस मामले पर अदालत के विभिन्न आदेशों के कारण इस मुद्दे पर नए सिरे से विचार-विमर्श शुरू किया है। राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 21वें विधि आयोग ने 31 अगस्त, 2018 को ‘परिवार कानून में सुधार’ पर एक परामर्श पत्र जारी किया था। उन्होंने कहा कि हालांकि, उसने इस विषय पर कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी थी।
