अब्दुल बारी सिद्दीकी, राष्ट्रीय जनता दल के कद्दावर नेताओं में से एक है। हाल ही में उन्होंने बयान दिया था कि देश का माहौल खराब है और उन्होंने अपने बच्चों को कहा कि वो बाहर यानी विदेश में ही रहें। अगर नागरिकता मिले तो उसके लिए भी कोशिश करें। उनके इस बयान पर सियासी हंगामा बरपा है। बीजेपी के नेता निखिल आनंद ने सलाह दी कि बेहतर यह है कि वो परिवार समेत पाकिस्तान चले जाएं। निखिल आनंद ने क्या कुछ कहा उससे पहले यह जानना जरूरी है कि सिद्दीकी ने क्या कहा था। सिद्दीकी ने कहा था कि उनका बेटा हावर्ड में पढ़ता है और बेटी लंदन में पढ़ रही है, इस समय जो देश में हालात बने हुए हैं उसमें उन्होंने अपने बच्चों को सलाह दी है कि वो बाहर अपने लिए जॉब ढूंढे।
बीजेपी नेता ने दी सलाह
सिद्दीकी ने कहा कि आप समझ सकते हैं कि किसी भी शख्स के लिए अपने बच्चों से यह कहना कि वो अपने मातृभूमि को छोड़कर बाहर रहने के बारे में सोचें और यह कितना दुखदायी होता है। उनके इस बयान पर निखिल आनंद ने कहा कि ये लोग मदरसा संस्कृति से बाहर नहीं निकल पाए हैं। इस तरह के लोग सेक्यूलरिज्म और लिबरलिज्म का मुखौटा पहनकर देश विरोधी और धार्मिक एजेंडा चलाते हैं।
इस तरह के लोग खराब कर रहे हैं माहौल
सिद्दीकी के बयान से आप आरजेडी के नजरिए को समझ सकते हैं। सिद्दीकी खुद को सेक्यूलर नेता कहते हैं लेकिन सच तो यह है कि उनका बयान एंटी इंडिया और हिंदुओं के खिलाफ है। उन्हें संवेदहीन बयान के लिए माफी मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से देश का माहौल खराब होता है। सिर्फ वोट की राजनीति करने वाले लोग देश का माहौल खराब करने की कोशिश में जुटे हैं।
