भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने उन्हें 'अपरिपक्व' और 'अंशकालिक' नेता बताते हुए आरोप लगाया कि वे संसद की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी को इस बात का डर सता रहा है कि अगर संसद में मोदी सरकार के कामकाज की तुलना पूर्ववर्ती संप्रग (UPA) सरकार से हुई, तो कांग्रेस की कमियां देश के सामने आ जाएंगी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी 'मोदी-भय' और 'आरएसएस-भय' से पूरी तरह ग्रस्त हैं। वे बिना किसी ठोस सबूत या प्रमाण के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की देशभक्त विचारधारा को "जहरीला" बताते हैं। भाटिया ने कहा कि जब संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात रखते हैं, तो राहुल गांधी के पास कोई जवाब नहीं होता और वे बहस छोड़कर चले जाते हैं।
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भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर उठाए गंभीर सवाल
छात्रों के मुद्दों और पेपर लीक के विषय पर बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के हक की बात तो करते हैं, लेकिन जब झारखंड, कर्नाटक या केरल जैसे विपक्ष शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं होती हैं, तब वे पूरी तरह से चुप्पी साध लेते हैं। इस दौरान भाजपा ने मोदी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड को भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि साल 2019 से 2026 के बीच विदेश भाग चुके 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है, जबकि UPA सरकार के समय यह संख्या बेहद कम थी।
विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम दौर में-भाजपा
इन भगोड़ों से लगभग 19,000 करोड़ रुपये की संपत्ति भी वसूल की जा चुकी है और विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। संयोग से 5 अगस्त का दिन अनुच्छेद 370 के हटने की सातवीं वर्षगांठ भी है। इस अवसर पर भाजपा ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाकर संविधान की असली भावना को बहाल किया और कश्मीर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा।
