Bihar Politics: झारखंड के बाद अब कांग्रेस को बिहार में भी ऑपरेशन लोटस का डर सताने लगा है। अपने विधायकों को भाजपा की कथित खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए पार्टी ने एक बार फिर हैदराबाद का रुख किया है। जानकारी के मुताबिक, बिहार कांग्रेस के 16 विधायक हैदराबाद शिफ्ट किए गए हैं। अब ये विधायक फ्लोर टेस्ट से पहले ही राज्य में वापस लाए जाएंगे।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने इसकी पुष्टि की है। न्यूज एजेंसी एएनआई को उन्होंने बताया कि 16 विधायक हैदराबाद पहुंच रहे हैं और बाकी भी जल्द ही उनके साथ जुड़ेंगे। बता दें, बिहार विधानसभा में कांग्रेस के 19 विधायक हैं, जिसमें से पार्टी के 10 विधायकों के टूटने का खतरा मंडराने लगा है और इसकी सूचना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तक भी पहुंचा दी गई है।
12 फरवरी को होना है फ्लोर टेस्ट
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पाला बदल के बाद राज्य में एक बार फिर से सियासी समीकरण बदल चुके हैं। राज्य में अब एनडीए की सरकार है। हालांकि, नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं। अपनी नई सरकार का बहुमत साबित करने के लिए नीतीश कुमार को 12 फरवरी का समय मिला है। वह विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में शामिल होगा सरकार का बहुमत साबित करेंगे। हालांकि, इस बीच खबर आई है कि कई कांग्रेस विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और वे कांग्रेस से नाता तोड़ सकते हैं।
झारखंड में भी शिफ्ट किए गए विधायक
इसके अलावा बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में भी यही हाल है। यहां हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद नए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन कल यानी 5 फरवरी को बहुमत साबित करेंगे। इससे पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त का डर यहां भी बना हुआ है। ऐसे में जेएमएम समेत गठबंधन के सभी विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट किया गया था। जहां पुलिस सुरक्षा में उन्हें एक होटल में ठहराया गया है।
