Bihar News: बिहार के छपरा (Chhapra) में जहरीली शराब (Hooch Tragedy) पीने से 33 लोगों की मौत हो गई है जिसके बाद से ही नीतीश (Nitish Kumar) सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिस पर हंगामा होना तया है। नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'जहरीली शराब से शुरू से लोग मरते हैं, इससे अन्य राज्यों में भी लोग मरते हैं। लोगों को सचेत रहना चाहिए क्योंकि जब शराब बंदी है तो खराब शराब मिलेगी ही। जो शराब पियेगा वो मरेगा। इस पर पूरी तरह से एक्शन होगा।'
अधिकारियों को दिए निर्देश
मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, 'मैंने अधिकारियों से कहा है कि वे गरीबों को न पकड़ें। शराब बनाने और शराब का धंधा करने वाले लोगों को पकड़ा जाए। शराब बंदी कानून से कई लोगों को फायदा हुआ है कई लोगों ने शराब छोड़ दी है। लोगों को अपना काम शुरू करने के लिए 1 लाख रुपये देने को तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर हम राशि जुटाएंगे, लेकिन कोई भी इस धंधे में शामिल नहीं होना चाहिए। पिछली बार जब जहरीली शराब से लोगों की मौत हुई थी तो किसी ने कहा था कि उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए. यदि कोई शराब पीता है, तो वह मर जाएगा - उदाहरण हमारे सामने है। इसके लिए शोक व्यक्त किया जाना चाहिए, उन जगहों का दौरा किया जाना चाहिए और लोगों को समझाया जाना चाहिए।'
बीजेपी की मांग
आपको बता दें कि नीतीश कुमार नीत सरकार ने अप्रैल, 2016 से बिहार में शराब उत्पादन, खरीद, बिक्री, सेवन आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित भाजपा की बिहार इकाई के नेताओं ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार नकली शराब की अवैध बिक्री पर रोक लगाने में विफल रही है, जिससे मौतें हो रहीं और अपराध बढ़ रहा।
